सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में 5.49 लाख उम्मीदवार हुए शामिल


नयी दिल्ली, 24 मई (वार्ता) संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने रविवार को देश के 83 शहरों में बने 2,072 केंद्रों पर सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 का आयोजन किया, जिसमें करीब 5.49 लाख उम्मीदवार शामिल हुए।

आयोग द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, इस परीक्षा के लिए कुल 8 लाख,19 हजार, 732 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से लगभग 67 प्रतिशत उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए। इसके विपरीत, सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 में लगभग 9.5 लाख आवेदकों में से करीब 61 प्रतिशत उपस्थित हुए थे।
यूपीएससी ने बताया कि फर्जी उम्मीदवारों को रोकने और परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता को मजबूत करने के लिए पहली बार सभी परीक्षा केंद्रों पर 'रियल-टाइम फेस ऑथेंटिकेशन' (चेहरा पहचानने वाली) तकनीक लागू की गई थी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (एनईजीडी) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित यह प्रणाली सभी केंद्रों पर सफलतापूर्वक संचालित हुई।
यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने परीक्षा के सुचारू संचालन पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि फेस ऑथेंटिकेशन प्रोटोकॉल को लागू करना आयोग द्वारा किए गए सबसे जटिल परिचालन कार्यों में से एक था।
यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की गई थी, जिसमें सुबह के सत्र में सामान्य अध्ययन (प्रश्नपत्र-एक) और दोपहर के सत्र में सिविल सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट) प्रश्नपत्र-दो का आयोजन किया गया।
प्रमुख केंद्रों में, दिल्ली में 144 केंद्रों पर सबसे अधिक 70,885 आवेदक दर्ज किए गए, इसके बाद हैदराबाद में 100 केंद्रों पर 44,209 उम्मीदवार और पटना में 79 केंद्रों पर 39,147 उम्मीदवार रहे। कारगिल में सबसे कम आवेदक दर्ज किए गए, जहाँ एक केंद्र पर केवल 98 उम्मीदवार थे।
आयोग ने कहा कि देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए सभी केंद्रों पर पीने का पानी, चिकित्सा सहायता, स्वच्छता, छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। परीक्षा के निष्पक्ष संचालन के लिए मोबाइल सिग्नल जैमर और प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए थे।
परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से यूपीएससी ने इस साल भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में तीन नए केंद्र जोड़े। आयोग ने एक ड्रॉपडाउन विकल्प भी पेश किया है, जिससे उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों की भविष्य की योजना के लिए अपने पसंदीदा नजदीकी शहरों का संकेत दे सकते हैं।
आयोग ने यह भी घोषणा की कि वह पहली बार परीक्षा के तुरंत बाद एक अनंतिम उत्तर कुंजी जारी करेगा और 31 मई 2026 तक उम्मीदवारों से आपत्तियां आमंत्रित करेगा। अंतिम उत्तर कुंजी परीक्षा के अंतिम परिणाम की घोषणा के बाद प्रकाशित की जाएगी।

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