जेम पोर्टल ने सरकारी विभागों की खरीद प्रणाली को पारदर्शी , समावेशी बनाया : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
नयी दिल्ली, 09 जून (वार्ता) सरकारी ई-वाणिज्य मंच (जेम) पर आपूर्तिकर्ता के रूप में पंजीकृत सूक्ष्म और लघु (एमएसई) इकाइयों की संख्या बढ़ कर 11.9 लाख जो गयी है और सरकारी विभाग,सार्वजनिक उपक्रमों और एजेंसियां इन इकाइयों को 2.17 करोड़ ऑर्डर जारी कर उनसे 8.69 लाख करोड़ रुपये की खरीद कर चुकी हैं।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि जेम से सरकारी तंत्र में डिजिटल, पारदर्शी और समावेशी सार्वजनिक खरीद का चलन प्रबल हुआ है। इसके माध्यम से सरकारी खरीद में तेज वृद्धि के साथ महिलाओं, स्टार्टअप और अनुसूचित जाति एंव अनुसूचित जनजाति की एमएसई आपूर्तिकर्ता इकाइयों का योगदान बढ़ा है।
मंत्रालय ने कहा है कि जेम से सरकारी तंत्र में डिजिटल, पारदर्शी और समावेशी सार्वजनिक खरीद का चलन प्रबल हुआ है। 9 अगस्त 2016 को अपनी स्थापना के बाद से इस ई-बाजार मंच ने सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया को काफी हद तक मानवीय तरीके और खंडित प्रक्रिया से बदलकर एक डिजिटल और डेटा-आधारित प्रणाली में बदल दिया है। सरकारी विभागों एवं उपक्रमों को माल और सेवा की आपूर्ति में दूरदराज के इलाकों से भी आपूर्तिकर्ताओं की व्यापक भागीदारी संभव हुई है।
विज्ञप्ति के अनुसार जेम प्लेटफॉर्म पर सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) की भागीदारी में वृद्धि हुई है, पंजीकृत एमएसई की संख्या 2016-17 में 2,396 से बढ़कर वर्तमान में 11.9 लाख से अधिक हो गई है। एमएसई से खरीद 69 करोड़ रुपये से बढ़कर 8.69 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है, जबकि इसी अवधि में ऑर्डर की संख्या 2,994 से बढ़कर 2.17 करोड़ से अधिक हो गई है।
जेम ने परंपरागत रूप से कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों की भागीदारी को भी संभव बनाया है। जेम पर महिला स्वामित्व वाली सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) की संख्या 2016-17 में 268 से बढ़कर 2.16 लाख से अधिक हो गई है, और खरीद मूल्य 8 करोड़ रुपये से बढ़कर 93,327 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। स्टार्टअप की भागीदारी 88 से बढ़कर 40,000 से अधिक हो गई है, और खरीद मूल्य दो करोड़ रुपये से बढ़कर 61,400 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसी प्रकार, पंजीकृत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) एमएसई की संख्या 38 से बढ़कर 66,000 से अधिक हो गई है और खरीद मूल्य 21,800 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। ये विकास जेम के माध्यम से सुगम सार्वजनिक खरीद में बढ़ती भागीदारी को दर्शाते हैं।
खरीद के अलावा, जेम ने सार्वजनिक सेवा वितरण संबंधी आवश्यकताओं, विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में सहायता प्रदान की है। जेम प्लेटफॉर्म ने 324 करोड़ से अधिक वैक्सीन खुराक और 199 करोड़ सिरिंज की खरीद में मदद की है। इसने वंदे भारत ट्रेनों के लिए मेडिकल किट, निदान उपकरण और स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न प्रकार की आपूर्ति और सेवाओं की खरीद को भी संभव बनाया है।
जेम के सीईओ मिहिर कुमार का कहना है कि पिछले बारह वर्षों में, जेम ने एक पारदर्शी, कुशल और समावेशी सार्वजनिक खरीद प्रणाली के निर्माण में योगदान दिया है। इसने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों, स्टार्टअप्स और स्थानीय निर्माताओं सहित उद्यमों की भागीदारी को सक्षम बनाया है और संरचित एवं पारदर्शी तरीके से सरकारी खरीद तक पहुंच को मजबूत किया है। इससे सार्वजनिक सेवा वितरण को समर्थन मिला है और आर्थिक अवसरों का विस्तार हुआ है।

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