ईंधन संकट के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में जबरदस्त उछाल
नयी दिल्ली, 09 जून (वार्ता) पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की आपूर्ति में बाधा और कीमतों में वृद्धि के बीच इस साल मई में देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खुदरा बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। वाहन डीलरों के शीर्ष संगठन फाडा द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों में सभी प्रकार के वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और हिस्सेदारी बढ़ी है।इस साल मई में देश में कुल 26,682 इलेक्ट्रिक यात्री वाहन बिके। यह पिछले साल मई के मुकाबले 81.20 प्रतिशत अधिक है। साथ एक साल में बाजार हिस्सेदारी भी 4.5 प्रतिशत से बढ़कर 6.6 प्रतिशत पर पहुंच गयी। यात्री वाहनों में कार, उपयोगी वाहन और वैन आते हैं। इस श्रेणी में 10,340 इकाई के साथ टाटा मोटर्स पहले, महिंद्रा एंड महिंद्रा (6,210) दूसरे और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया (4,984) तीसरे स्थान पर रही। इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहनों की बिक्री सालाना 62.76 प्रतिशत बढ़कर 1,70,733 इकाई हो गयी। कुल दुपहिया बिक्री में इसकी हिस्सेदारी मई 2025 के 6.1 एक प्रतिशत से बढ़कर 9.3 प्रतिशत पर पहुंच गयी। दुपहिया की श्रेणी में 42,459 इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ टीवीएस मोटर कंपनी पहले स्थान पर रही। बजाज ऑटो (39,202) का दूसरा और एथर एनर्जी (28,240) का तीसरा स्थान रहा। इलेक्ट्रिक तिपहिया की बिक्री मई में सालाना 8.59 प्रतिशत बढ़ी और 71,867 इकाई पर रही। एक साल में इस खंड में ईवी की हिस्सेदारी 61.5 प्रतिशत से बढ़कर 64.4 प्रतिशत पर पहुंच गयी।
इस श्रेणी में बजाज ऑटो 11,905 इकाई के साथ महिंद्रा समूह को पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर पहले स्थान पर पहुंच गया। महिंद्रा समूह 11,149 इकाई के साथ दूसरे स्थान पर रहा। तीसरा स्थान टीवीएस मोटर कंपनी (3,590) का रहा। इलेक्ट्रिकल वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में सालाना 119.4 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल देखा गया और यह 2,400 इकाई पर रही। एक साल में इस श्रेणी में ईवी की बाजार हिस्सेदारी भी 1.37 फीसदी से बढ़कर 2.86 फीसदी हो गयी।
इस श्रेणी में 879 इकाई के साथ टाटा मोटर्स का दबदबा रहा। उसे यूलर मोटर्स (547) से कड़ी टक्कर मिल रही है। महिंद्रा समूह 263 इकाई के साथ तीसरे स्थान पर है।

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