इन्वेस्ट यूपी के सहयोग से होगा एमएसएमई की समस्याओं का निवारण : आईआईए
लखनऊ 28 अगस्त (वार्ता) इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) का प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद से मिलकर एमएसएमई से जुड़े लंबित मामलों एवं शिकायतों पर विस्तृत रिपोर्ट के साथ अपना मत स्पष्ट किया। जिस पर सीईओ ने संज्ञान लेते हुए सम्बंधित टीम को आईआईए द्वारा प्रस्तुत समस्त मामलों एवं सुझावों को सूचीबद्ध कर जल्दी ही समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया।
बैठक में सीईओ ने आईआईए द्वारा प्रस्तुत गोरखपुर विकास प्राधिकरण से सम्बंधित लंबित मामले, ओडीओपी के प्रोत्साहन, एमएसएमई डेवलपमेंट पार्क, टूरिज्म एवं बेयर हाउस सेक्टर में कार्य सरलता, निर्यात भण्डारण में अधिक मजबूती एवं वैश्विक व्यापार पुनर्गठन के सम्बन्ध में ओडीओपी उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच की सुविधा, इंसेंटिव भुगतान के लंबित मामलों में पालिसी अनुरूप आहर्ता में संशोधन, औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के अंतर्गत स्टाम्प ड्यूटी के प्रतिपूर्ति भुगतान, चमड़ा एवं जूते उद्योग पालिसी 2025 के अतर्गत सूक्ष्म और लघु स्तर के उद्योगों को शामिल करने का सुझाव, चावल और रोलर आटा मिलों के लिए पूंजीगत सब्सिडी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए मंडी शुल्क छूट नीति में व्यावहारिक सुधार की आवश्यकता, ओपन एक्सेस कनेक्शन सीमा 100 किलोवाट करने सम्बन्धी प्रस्ताव गंभीरता से सुने।इसके साथ ही सीईओ से मुजफ्फर नगर में स्टील प्लांट के विस्तारीकरण में आवश्यक 132 किलोवाट की ट्रांसमिशन लाइन निर्माण में हो रहे अवरोध एवं उत्तर प्रदेश के गुड एवं खंडसारी उद्योग से जुडी इकाइयों की मंडी शुल्क समाधान योजना से सम्बंधित आवश्यक सूचना देते हुए आवश्यक सुझावों पर बातचीत भी हुई। एमएसएमई से सम्बंधित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए सरल कार्यप्रणाली बनाए जाने की आवश्यकता पर भी बातचीत हुई। आईआईए के प्रतिनिधिमंडल में सीनियर वाईस प्रेसिडेंट अलोक अग्रवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश कुमार अग्रवाल, मंडल चेयरमैन दिनेश बरासिया एवं हेड ऑफिस से डिप्टी डायरेक्टर अभिषेक शर्मा शमिल थे।
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