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लौह अयस्क अपशिष्ट को सड़क निर्माण में उपयोग के लिए होगा अनुसंधान

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नयी दिल्ली, 12 मार्च (वार्ता) सड़क निर्माण में लौह अयस्क के अपशिष्ट पदार्थों के उपयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एजेंसी वैज्ञानिक एवं औद्योगिकी अनुसंधान परिषद ( सीएसआईआर) के तहत परिचालित केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) और इस्पात क्षेत्र की अग्रणी कंपनी आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया के बीच अनुसंधान एवं विकास में सहयोग के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए कहा कि यह करार सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह के अवसर पर किया गया। इस कार्यक्रम में हरित अवसंरचना विकास के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था और अपशिष्ट से धन रूपांतरण के महत्व को उजगार करते हुए सीएसआईआर की महानिदेशकडॉ. एन. कलैसेल्वी ने कहा कि सड़क निर्माण में लौह अयस्क अपशिष्ट के संभावित उपयोग से खनन अपशिष्ट से हरित सड़कों का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इस्पात स्लैग जैसी अपशिष्ट सामग्री को इस्पात स्लैग सड़क निर्माण में परिवर्तित करने के लिए संस्थान के अग्रणी ...

वार्षिक संदर्भ पुस्तक 'भारत 2026' का संस्करण जारी

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नयी दिल्ली, 12 मार्च (वार्ता) सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग ने अपनी प्रतिष्ठित वार्षिक संदर्भ पुस्तक 'भारत 2026' का संस्करण अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों भाषाओं में जारी कर दिया। पुस्तक का विमोचन प्रकाशन विभाग के प्रधान महानिदेशक भूपेंद्र कैन्थोला ने किया। इस वर्ष का संस्करण डिजाइन और प्रस्तुति के लिहाज से बेहद खास है। अलग-अलग अध्यायों को अलग रंगों के साथ प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे पढ़ना और समझना अधिक आसान हो गया है। पुस्तक में रंगीन फोटो, सारणी (इंग्राफिक्स) और नवीनतम व प्रमाणिक आंकड़े भी शामिल किये गये हैं। पुस्तक की कीमत पिछले वर्ष जितनी रखी गयी है ताकि यह अधिक से अधिक पाठकों तक यह पहुंच सके। इस मौके पर भूपेंद्र कैन्थोला ने पुस्तक के संपादन, निर्माण और डिजाइन से जुड़ी पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक के लिए सामग्री एकत्र करना और उसे संपादित कर सटीक जानकारी के रूप में प्रस्तुत करना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि यह संदर्भ पुस्तक भारत सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह पुस्तक न केवल युवा पाठकों और शोधक...

संसद में बोलने की स्वतंत्रता नियमों के अधीन है; सदन के किसी भी माननीय सदस्य को इन नियमों से परे जाकर बोलने का विशेषाधिकार नहीं है: लोक सभा अध्यक्ष

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( PIB Delhi) लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज इस बात पर जोर दिया कि संसद में बोलने की आजादी है, परंतु यह संविधान और संसद की प्रक्रिया का विनियमन करने वाले नियमों और स्थायी आदेशों के अधीन है। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत विस्तृत दिशा-निर्देश हैं कि सदन में बोलते समय सदस्यों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 105 (संसद में वाक्-स्वातंत्र्य) के संदर्भ में, अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संविधान में भी इस स्वतंत्रता को संसदीय नियमों के ढांचे के भीतर रखा गया है। अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा समाप्त होने के एक दिन बाद सदन को संबोधित करते हुए लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि पिछले दो दिनों में सदन में बारह घंटे से अधिक चर्चा हुई , जिसके दौरान विभिन्न दलों के माननीय  सदस्यों ने अपने विचार, तर्क और चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, "मैंने सदन के प्रत्येक माननीय सदस्य की बात को ध्यान के साथ सुना। मैं इस सदन के सभी माननीय सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ - चाहे उन्होंने समर्थन में अपने विचार रखे हों या आलोचना के रूप में अपने सुझाव दिए हों। लोकत...

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिये निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की

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नई दिल्ली, 12 मार्च (वार्ता) चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिये राज्य सरकार की ओर से आवश्यक वरिष्ठता वाले अधिकारी उपलब्ध कराये जाने के बाद निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी की। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम तब उठाया गया जब चुनाव आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए उचित रैंक के अधिकारियों को नामित करे, जो चुनाव कराने के लिए एक अनिवार्य शर्त है। इसके बाद, राज्य प्रशासन ने पात्र अधिकारियों की एक संशोधित सूची सौंपी, जिससे आयोग के लिए इन नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया। निर्वाचन अधिकारी चुनाव प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभाते हैं। अपने निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन प्रक्रिया की निगरानी, उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच, मतदान की व्यवस्था, वोटों की गिनती और परिणामों की घोषणा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निर्वाचन अधिकारी के कंधों पर ही होती हैं। चुनाव नियमों के तहत, चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए आमतौर पर इन अधिकारियों को वरिष्ठ प्रशासनिक संवर्गों से चुना जाता है। अध...

सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक स्थलों पर पशु बलि पर रोक लगाने की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया

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नयी दिल्ली, 12 मार्च (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने धार्मिक स्थलों पर पशु बलि पर रोक लगाने की मांग को लेकर पेश जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को गुरुवार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा और अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने अधिवक्ता श्रुति बिष्ट की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में धार्मिक रीति-रिवाजों के नाम पर मंदिरों में होने वाली पशु बलि पर प्रतिबंध लगाने और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 28 में संशोधन की मांग की गयी है। याचिका में तर्क दिया गया है कि धारा 28 के तहत मिली वैधानिक छूट के कारण ही धार्मिक आयोजनों के दौरान पशु बलि की प्रथा आज भी जारी है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि इस प्रावधान में संशोधन किया जाए और धार्मिक परंपराओं के नाम पर होने वाले पशु वध को रोकने के लिए उचित कानूनी सुरक्षा उपाय लागू किये जाएं। याचिका में उल्लेख किया गया है कि हिमालयी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर भारत, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में यह प्रथा अब भी प्रचलित है, जहां मंदिरों और धार्मिक समारो...

कृषि क्षेत्र में महिलाओं को नीति निर्माण, निर्णय प्रकिया और नेतृत्व के पदों में अधिक भूमिका मिलनी चाहिए: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

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( PIB Delhi) राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (12 मार्च, 2026) नई दिल्ली में कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका पर वैश्विक सम्मेलन (जीसीडब्ल्‍यूएएस-2026) के उद्घाटन सत्र में शिरकत की और सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि बुवाई, कटाई, प्रसंस्करण और फसलों को बाजार तक पहुंचाने सहित कृषि संबंधी सभी गतिविधियों में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वे मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, पशुपालन, वन उत्पादों के समुचित इस्‍तेमाल और कृषि आधारित उद्यमों के संचालन सहित कई क्षेत्रों में अथक परिश्रम करती हैं। कृषि अर्थव्यवस्था में महिलाओं का अमूल्य योगदान है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों में कुल छात्रों में 50 प्रतिशत से अधिक लड़कियां हैं और कई विश्वविद्यालयों में यह संख्या 60 प्रतिशत से अधिक है। ये लड़कियां शैक्षणिक दृष्टि से भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार, समाज और कृषि क्षेत्र के सभी हितधारकों का यह दायित्व है कि वे इन होनहार लड़कियों को कृषि तथा अनाज उत्पादन के क्षेत्र में नेतृ...

सरकार एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने की संभावनाओं पर ध्यान दे : राहुल

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नयी दिल्ली, 12 मार्च (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि देश में रसोई गैस और तेल की किल्लत का यह शुरुआती दौर है और बदले माहौल में सरकार को ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदर उठाने चाहिए। श्री गांधी ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुरुवार को कहा "देश में एलपीजी और तेल की जो स्थिति है, वो अभी शुरुआत है। इस बारे में मैं सदन में बोलना चाहता था, लेकिन कोई नई प्रक्रिया शुरू हुई है। इसमें मंत्री पहले तय करेंगे, फिर मैं बोलूंगा और फिर मंत्री उस पर जवाब देंगे। अभी तैयारी करने की जरूरत है, क्योंकि अभी हमारे पास समय है। प्रधानमंत्री और सरकार को तुरंत इस समस्या से निकलने के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। अगर तैयारी नहीं की तो करोड़ों लोगों का नुकसान होगा।"   उन्होंने कहा कि यह इससे भी बड़ा मुद्दा है कि ईरान हमें ईंधन लेने देता है या नहीं। यह अस्थिरता की तरफ बढने की स्थिति है और जब आप अस्थिर समय में जाते हैं तो इस हाल में मानसिकता बदलने लगती है क्योंकि यह पहले जैसी में नहीं रह सकती इसलिए सरकार को सुझाव है...