दस साल,बेमिसाल: यूपीआई बना दुनिया का सबसे बड़ा तत्काल डिजिटल भुगतान मंच
नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (वार्ता) कहीं से कहीं को तत्काल भुगतान करने की सुविधा मुठ्ठी में पड़े मोबाइल फोन के जरिए आम लोगों तक पहुंचने वाली यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस ) नाम की खोज ने बाजार में अपने 10 साल पूरे कर लिये हैं और देखते ही देखते यह ऐप आधारित भुगतान के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा प्लेटफार्म बन गयी है। भारतीय रिज़र्व बैंक की देखरेख में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया ने 11 अप्रैल 2016 को इसका लोकार्पण किया था। एक दशक में यह भारत में डिजिटल पेमेंट्स के पारिस्थितकी तंत्र की रीढ़ बन गया है। इस तरह की अवधारणा को भारत जैसे देश में आम लोगों द्वारा अपनाये जाने को लेकर पहले की तमाम दुविधाओं और आशंकाओं को गलत सिद्ध करते हुए यूपीआई वित्तीय समावेशन का एक अहम ज़रिया बनकर उभरा है। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार यूपीआई के जरिये 2016-17 में जहां सिर्फ़ दो करोड़ ट्रांज़ैक्शन (लेन-देन) हुए थे। वर्ष 2025-26 में यह संख्या 24,162 करोड़ से ज़्यादा, यानी लगभग 12,000 गुना ज्यादा हो गयी। इसी दौरान ट्रांज़ैक्शन का मूल्य भी वित्त वर्ष 2016-17 में सात हजार करोड़ रुपये से तेज़ी से ब...