लौह अयस्क अपशिष्ट को सड़क निर्माण में उपयोग के लिए होगा अनुसंधान
नयी दिल्ली, 12 मार्च (वार्ता) सड़क निर्माण में लौह अयस्क के अपशिष्ट पदार्थों के उपयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एजेंसी वैज्ञानिक एवं औद्योगिकी अनुसंधान परिषद ( सीएसआईआर) के तहत परिचालित केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) और इस्पात क्षेत्र की अग्रणी कंपनी आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया के बीच अनुसंधान एवं विकास में सहयोग के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए कहा कि यह करार सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह के अवसर पर किया गया। इस कार्यक्रम में हरित अवसंरचना विकास के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था और अपशिष्ट से धन रूपांतरण के महत्व को उजगार करते हुए सीएसआईआर की महानिदेशकडॉ. एन. कलैसेल्वी ने कहा कि सड़क निर्माण में लौह अयस्क अपशिष्ट के संभावित उपयोग से खनन अपशिष्ट से हरित सड़कों का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इस्पात स्लैग जैसी अपशिष्ट सामग्री को इस्पात स्लैग सड़क निर्माण में परिवर्तित करने के लिए संस्थान के अग्रणी ...