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6–7 मई 2026 की दरमियानी रात होगा, ईटा एक्वारिड्स उल्का वृष्टि का अद्भुत खगोलीय नज़ारा

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खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि मई माह की प्रमुख खगोलीय घटनाओं में से एक ईटा एक्वारिड्स उल्का वर्षा इस वर्ष 6–7 मई 2026 की दरमियानी रात को अपने चरम (Peak) पर पहुंचेगी। यह उल्का वृष्टि की घटना प्रतिवर्ष होने वाली नियमित उल्का वर्षाओं में शामिल है, जिसकी सक्रिय अवधि लगभग 19 अप्रैल से 28 मई तक रहती है। क्योंकि यह उल्का वर्षा प्रसिद्ध धूमकेतु 1P/Halley (हैली) के छोड़े गए धूल और चट्टानी कणों (debris stream) से उत्पन्न होती है। जब पृथ्वी अपनी कक्षा में घूमते हुए इन कणों के मार्ग से गुजरती है, तो ये कण वायुमंडल में प्रवेश करते समय वायुमंडलीय घर्षण के कारण जलते हैं और आकाश में चमकीली लकीरों जिनको उल्काएं कहा जाता है (meteors) के रूप में दिखाई देते हैं। कितनी तेज़ी से आती हुई दिखाई देंगी ये उल्काएं ? वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला ( तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि  खगोल विज्ञान के स्थापित सिद्धांतों के अनुसार, उल्काएं पृथ्वी के वायुमंडल में लगभग 11 से 72 किमी/सेकंड की गति से प्रवेश करती हैं। और ईटा एक्वारिड्स विशेष रूप से तेज उल्काओं में से एक (लगभग ...

'चुनाव अयोग ने बंगाल प्रशासन, केंद्रीय बलों से चुनाव बाद कोई हिंसा न होने देने को कहा'

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नयी दिल्ली, 05 मई (वार्ता) चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के प्रशासन और पुलिस तथा वहां चुनाव ड्यूटी भेजे गए केंद्रीय पुलिस बलों के शीर्ष अधिकारियों को राज्य में चुनाव के बाद चुनाव से जुड़ी किसी प्रकार की हिंसा की घटना के विरुद्ध सख्त रवैया अपनाने के निर्देश दिये हैं। आयोग के सूत्रों ने मंगलवार को कहा, ' आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव , पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव के बाद होने वाली किसी भी हिंसा की कतई अनदेखी न करेंगे।' पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का इतिहास रहा है। राज्य में कल हुई मतगणना के बाद कुछ जगह लोगों की भीड़ के उपद्रव की कुछ शिकायतें हैं। कोलकाता और हावड़ा के कुछ इलाकों में तृणमूल कांग्रेस पार्टी के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोगों पर उनके कार्यालयों पर हमले की शिकायतें की हैं। वहां चुनाव बाद हिंसा में किसी के हताहत होने की रिपोर्ट नहीं है। पश्चिम बंगाल में 2026 का चुनाव चुनाव आयोग की अभूतपूर्व सख्ती के बीच शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। दो चरणों में हुए चुनाव में कुल मिला कर 92.93 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिका...

अन्नदाताओं के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मोदी

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नयी दिल्ली, 05 मई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार देशभर के अन्नदाता किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके लिए किसानों को हर तरह से राहत देने का काम किया जा रहा है। श्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर मंगलवार को कहा, "देशभर के अपने अन्नदाता भाई-बहनों के कल्याण के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। इसी कड़ी में आज 2026-27 के सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने को मंजूरी दी गई है। इससे जहां करोड़ों गन्ना किसानों को लाभ होगा, वहीं चीनी मिलों और इस क्षेत्र से जुड़े लाखों श्रमिकों को भी फायदा मिलेगा।" उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से करोड़ों गन्ना किसानों के साथ-साथ चीनी उद्योग और उससे जुड़े लाखों श्रमिकों को लाभ मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मंत्रिमंडल ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या में चार की वृद्धि को मंजूरी दी, जिससे संख्या 33 से बढ़कर 37 हो गई

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  ( PIB Delhi) प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज संसद में सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक , 2026  को पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम , 1956  में संशोधन करके भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या (भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) को वर्तमान  33  से बढ़ाकर  37  करना है। बिंदुवार विवरण: सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक , 2026  में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या में  4  की वृद्धि अर्थात्  33  से बढ़ाकर  37 ( भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) करने का प्रावधान है। प्रमुख प्रभाव: न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि से सर्वोच्च न्यायालय अधिक कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगा ,  जिससे त्वरित न्याय सुनिश्चित हो सकेगा। व्यय: न्यायाधीशों और सहायक कर्मचारियों के वेतन और अन्य सुविधाओं पर होने वाला व्यय भारत की संचित निधि से पूरा किया जा...

कैबिनेट ने 3,900 करोड़ रुपये से अधिक के कुल निवेश के साथ दो और सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों को मंज़ूरी दी

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भारत सेमीकंडक्टर मिशन: कंपाउंड सेमीकंडक्टर आधारित मिनी/माइक्रो एलईडी डिस्प्ले विनिर्माण में भारत के आगे बढ़ने से रफ्तार और तेज हुई ( PIB Delhi) प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन  ( आईएसएम )  के तहत दो और सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी ,  जिसमें जीएएन  ( गैलियम नाइट्राइड )  तकनीक पर आधारित देश की पहली व्यावसायिक मिनी / माइक्रो -  एलईडी डिस्प्ल े सुविधा और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग सुविधा शामिल हैं। मंज़ूर किए गए दो प्रस्तावों से गुजरात में लगभग  3 ,936  करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएंगी और इनसे कुशल पेशेवारों के लिए कुल  2 ,230   रोजगार के अवसर पैदा होने की उम ्मीद है। दो अनुमोदित प्रस्तावों के विवरण निम्नलिखित हैं :        I.   क्रिस्टल   मैट्रिक्स   लिमिटेड  ( सीएमएल )  मिनी / माइक्रो - एलईडी   डिस्प्ले   मॉड्यूल्स   के   निर्माण   के   लि...

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी दी

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(PIB Delhi) प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर अल्पकालिक नकदी की कमी को दूर करने के लिए पात्र उधारकर्ताओं को दी गई अतिरिक्त ऋण सुविधा के तहत डिफ़ॉल्ट राशि के लिए राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) द्वारा सदस्य ऋण संस्थानों (एमएलआई) को गारंटी कवरेज प्रदान करना है। इसमें एमएसएमई के लिए 100 प्रतिशत और गैर-एमएसएमई तथा एयरलाइन क्षेत्र के लिए 90 प्रतिशत गारंटी कवरेज का प्रावधान है। योजना की प्रमुख विशेषताएं: पात्र उधारकर्ता  : 31 मार्च, 2026 तक मौजूदा कार्यशील पूंजी सीमा वाले एमएसएमई   और गैर-एमएसएमई   तथा बकाया ऋण सुविधाएं रखने वाली शेड्यूल्ड यात्री एयरलाइन्स, बशर्ते उनके खाते मानक हों। गारंटी कवरेज  : एमएसएमई   के लिए 100 प्रतिशत और गैर-एमएसएमई के साथ-साथ एयरलाइन क्षेत्र के लिए 90 प्रतिशत। गारंटी शुल्क  : शून्य। सहायता की मात्रा  : वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के दौरान उपयोग की गई अधिकतम...

मंत्रिमंडल ने 2030-31 तक कपास क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और वैश्विक वस्त्र बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मकता हासिल करने के लिए 5659.22 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ "कपास उत्पादकता मिशन" को मंजूरी दी

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( PIB Delhi)  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के कपास क्षेत्र में बाधाओं ,   घटती वृद्धि और गुणवत्ता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए कपास उत्पादकता मिशन ( 2026-27   से  2030-31)   के लिए  5659.22   करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह मिशन भारत सरकार के  5 -एफ   यानी खेत से रेशा से   कारखाने से फैशन से विदेश तक (फार्म टू फाइबर टू फैक्टरी टू फेशन टू फॉरेन) विजन के अनुरूप है। इस मिशन का उद्देश्य रोग और कीट प्रतिरोधी उच्च उपज वाली किस्मों (एचवाईवी )  के बीजों के विकास के बल पर कपास की उत्पादकता बढ़ाना ,  राज्य सरकारों ,  कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से मौजूदा और नवीनतम फसल उत्पादन प्रौद्योगिकियों का बड़े पैमाने पर प्रचार और उसे अपनाकर विस्तार करना ,  उद्योग को कम से कम संदूषण वाली कपास की आपूर्ति सुनिश्चित करना और उच्च गुणवत्ता वाली कपास के निर्यात को बढ़ावा देना है ,  जिसमें निम्नलिखित प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है: अधिक उच्च उ...