वेश्यालय में स्वयं की संतुष्टि के लिए गए ग्राहक के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) एक्ट के तहत मुकदमा नहीं चलाया जा सकता
प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि वेश्यालय में ग्राहक के तौर पर जाने वाले व्यक्ति पर केवल पैसे देकर यौन संतुष्टि प्राप्त करने के आधार पर अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धारा 3, 5 और 7 के तहत मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत संतुष्टि के लिए किसी यौनकर्मी को पैसे देना अधिनियम के तहत वेश्यावृत्ति के उद्देश्य से किसी व्यक्ति को उपलब्ध कराने या वेश्यावृत्ति के व्यावसायिक शोषण के समान नहीं है। न्यायमूर्ति डॉ गौतम चौधरी ने एक आरोपी नितिन की याचिका स्वीकार करते हुए उसके खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही , आरोपपत्र और समन आदेश रद्द कर दिया। मामला गाजियाबाद का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि भोजपुरा चौराहे के पास डीएलएफ पुलिस चौकी के नजदीक एक मकान में महिलाएं देह व्यापार में शामिल हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मकान पर छापा मारा। मौके से 16 लोगों को पकड़ा गया जिनमें महिलाएं और सात पुरुष थे। ...