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आश्रम पद्धति विद्यालय मेहरौना का डीएम ने किया निरीक्षण

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  देवरिया, 30 जून। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज सायं लगभग 4:30 बजे समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम पद्धति विद्यालय, मेहरौना का निरीक्षण किया।           निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र की सभी तैयारियां समय से पूर्ण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में साफ-सफाई सहित सभी मूलभूत सुविधाएं, स्टेशनरी, पाठ्य-पुस्तकें एवं अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित कर ली जाए।          जिलाधिकारी ने विद्यालय में उपलब्ध स्टाफ की भी जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित कुल सात संविदा शिक्षक कार्यरत हैं तथा एक फार्मासिस्ट और एक लिपिक नियमित कर्मचारी के रूप में तैनात हैं।            जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य को निर्देशित किया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पठन-पाठन व्यवस्था तथा सभी आवश्यक संसाधनों एवं आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। ...

डेल ने पावरस्टोर एलीट भारत में पेश किया

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नयी दिल्ली, 30 जून (वार्ता) प्रौद्योगिकी कंपनी डेल ने एआई के लिए उद्यमों की बढ़ती स्टोरेज आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारत में पावरस्टोर एलीट पेश किया है। भारत में कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस ग्रुप के प्रमुख वेंकट सीताराम ने यहां मंगलवार को एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। इसके साथ ही कंपनी ने एआई अवसंरचना से जुड़े कई और समाधानों की भी घोषणा की। ये सभी समाधान मिलकर एक डेल एआई इकोसिस्टम तैयार करेंगे। यह अगस्त से भारत में उपलब्ध होगा। श्री सीताराम ने कहा कि पावरस्टोर एलीट कंपनियों के तेजी से बढ़ते डाटा और एआई वर्कलोड के प्रबंधन में उनकी मदद करेगा। यह डेल के पावरस्टोर का तीसरा संस्करण जेन-3 है। यह ज्यादा वर्कलोड लेने में सक्षम है, उद्यमों को वेंडर-लॉकइन से आजादी देता है और बिना किसी डाउनटाइम के इस प्लेटफॉर्म को अपनाया जा सकता है। जो ग्राहक पहले से डेल के जेन-1 या जेन-2 संस्करण का इस्तेमाल कर रहे हैं वे बिना किसी परेशानी के जेन-3 को अपना सकते हैं। कंपनी ने डेल प्राइवेट क्लाउड की भी घोषणा की। न्युटनिक्स और पावरस्टोर के साथ प्राइवेट क्लाउड जुलाई से देश में उपलब्ध होगा। वहीं, वीएमवेय...

जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल में अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक बढ़ी

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नयी दिल्ली, 30 जून (वार्ता) सरकार ने जीएसटी अपीलीय पोर्टल पर अपीलें दर्ज करवाने की भरमार से उत्पन्न दवाब को हल्का करने के लिए वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय ट्रिब्यूनल (जीएसटीएटी) के समक्ष अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि अगले माह की 31 तारीख तक बढ़ा दी है। इससे पहले, 17 सितंबर 2025 को जारी एक सरकारी अधिसूचना के माध्यम से केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 112(1) के साथ धारा 112(3) को जोड़कर उनके अंतर्गत जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल के समक्ष अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गयी थी। वित्त मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि विभिन्न हितधारकों से हाल में प्राप्त सुझावों और अभ्यावेदनों को ध्यान में रखते हुए अंतिम तिथि बढ़ायी गयी है। जीएसटीएटी पोर्टल पर अंतिम दिन अपील दाखिल करने की होड़ के कारण कठिनाइयां हो रही थी जिसे देखते हुए इसकी तारीख बढ़ाई गयी है। सरकार ने कहा है कि उसने अपील के लिए 30 जून की अंतिम तिथि सितंबर 2025 में ही अधिसूचित कर दी थी। उल्लेखनीय है कि पिछले 15 दिन में ही 30,000 अपीलें दाखिल की गईं और हाल के दिनों में अपील दर्ज कराने क...

शाह ने एफसीआरए 2.0 पोर्टल तथा ई- ओसीआई कार्ड का शुभारंभ किया

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नयी दिल्ली 30 जून (वार्ता) केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को यहां विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम , एफसीआरए 2.0 पोर्टल तथा ई- ओसीआई कार्ड का शुभारंभ किया और कहा कि इससे नागरिकों को सुविधाएं बढेंगी। श्री शाह ने कहा कि इन दोनों पहलों से नागरिकों की सुविधाएं बढेंगी और विशेष रूप से एफसीआरए पोर्टल से दान प्राप्त करने वालों की दिक्कतें दूर होंगी। उन्होंने कहा, " जब नीयत साफ हो, नीति स्पष्ट हो और तकनीक को स्वीकारने की मानसिकता तो सभी प्रकार का शासन ईमानदार लोगों के लिए बहुत सरल हो जाता है, गलत करने वालों पर पैनी निगरानी की व्यवस्था होती है और देश को अधिक से अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।" उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों में एफसीआरए की व्यवस्था फाइलों और प्रक्रियाओं में उलझी हुई और निगरानी से परे थी लेकिन अब इसे मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में आवेदनों की संख्या और दान के प्रवाह में काफी वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए कागजी कार्यवाही में कमी लाना और विदेशी अंशदान पर प्रभावी निगरानी देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी हो गया है। एफसीआरए कानून के कारण गलत उद्देश्य...

जनरल धीरज सेठ ने नये सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला

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नयी दिल्ली 30 जून (वार्ता) जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को 31 वें सेना प्रमुख का कार्यभार संभाल लिया। उन्हें जनरल उपेंद्र द्विवेदी के स्थान पर यह जिम्मेदारी दी गयी है जो चार दशक से भी लंबी सेवा के बाद आज सेवानिवृत हो गये। जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं और दिसंबर 1986 में उन्हें आर्म्ड कोर में कमीशन मिला था। लगभग चार दशकों के शानदार मिलिट्री करियर के दौरान उन्हें संचालन, रणनीतिक, क्षमता विकास और संस्थागत क्षेत्रों में कार्य का व्यापक अनुभव है। उन्होंने भारतीय सेना की युद्ध क्षमता और सेना में सुधारों में अहम योगदान दिया है। जनरल ऑफिसर ने अलग-अलग संचालन माहौल में अनेक पदों पर रहते हुए कमान संभाली है। वह रेगिस्तानी इलाके में एक आर्म्ड रेजिमेंट, पश्चिमी थिएटर में आर्म्ड ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद-विरोधी फोर्स की कमान संभालना चुके हैं। लेफ्टिनेंट जनरल के तौर पर, उन्होंने भारतीय सेना के प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन में से एक, सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली। इसके बाद उन्होंने दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के तौर पर काम किया और अहम राष्ट्रीय और अंतररा...

वन महोत्सव में गोरखपुर में रोपे जाएंगे 55 लाख से अधिक पौधे

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गोरखपुर, 30 जून (वार्ता) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक से सात जुलाई तक आयोजित होने वाले वन महोत्सव के अंतर्गत 55 लाख से अधिक पौधे रोपने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है और इसे लेकर वन विभाग के संयोजन में तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी शुभम सिंह ने मंगलवार को बताया कि इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए केवल वन विभाग ही नहीं, बल्कि शासन के कुल 27 विभाग एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पौधरोपण का सबसे बड़ा लक्ष्य वन विभाग के पास है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जाएगा। गोरखपुर वन प्रभाग की तरफ से सभी पौधशालाओं में गुणवत्तायुक्त पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। साथ ही पौधों के बेहतर विकास एवं उत्तरजीविता के लिए चिन्हित रोपण स्थलों पर एडवांस सॉयल वर्क के अंतर्गत गड्ढा खुदाई, टॉप सॉयल की व्यवस्था, पौधरोपण स्थलों का विकास, पौध संरक्षण हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं तथा अन्य तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली गई हैं। वन महोत्सव की निर्धारित रूपरेखा के अनुसार एक से सात ...

एक जुलाई से ग्राम सचिवालय में बैठेंगे लेखपाल, निवास-खतौनी वहीं बनेगा

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लखनऊ, 30 जून (वार्ता) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक जुलाई से उत्तर प्रदेश के सभी ग्राम सचिवालयों में लेखपाल बैठेंगे। राजस्व परिषद ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। अब लेखपालों को तहसील के साथ-साथ ग्राम सचिवालय में भी बैठना अनिवार्य होगा। यहां वे ग्रामीणों के निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, खतौनी, वरासत, पैमाइश जैसे राजस्व से जुड़े मामलों का निस्तारण करेंगे। अभी तक इन कामों के लिए ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय जाना पड़ता था, जिसमें समय और पैसे दोनों खर्च होते थे। योगी ने अफसरों को निर्देश दिए थे कि गांव स्तर पर ही ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लोगों को परेशानी न हो। उसी के बाद राजस्व परिषद ने यह दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि सभी जिलाधिकारी अपने जिलों में लेखपालों की ग्राम सचिवालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। रोस्टर बनाकर तय किया जाएगा कि कौन लेखपाल किस दिन ग्राम सचिवालय में बैठेगा। इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी और भ्रष्टाचार-दल...