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संसद में जवाब से बच रही है भाजपा, सत्र खत्म करने की जल्दबाजी: अखिलेश

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लखनऊ, 12 अगस्त ( वार्ता) समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद में सरकार के जवाब को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार द्वारा जवाब देने के लिए समय-सीमा तय करना अपने आप में अलोकतांत्रिक है। ऐसी समय-सीमा में दिया जाने वाला जवाब वास्तविक उत्तर नहीं, बल्कि केवल थोथा बयान होगा। श्री यादव ने ‘फेसबुक’ पर पोस्ट किए अपने बयान में कहा, “ सवाल यह है कि सरकार जवाब देने के लिए तैयार क्यों नहीं है। सच तो यह है कि भाजपा चाहती ही नहीं कि किसी गंभीर मुद्दे पर जवाब दिया जाए। वह तो संसद का सत्र समाप्त करने के लिए उतावली दिखाई दे रही है। जवाबदेही क्या घड़ी देखकर तय होगी। जिम्मेदारी और जवाबदेही समय की किसी शर्त से नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व के तर्क से निभाई जाती है। सरकार को गंभीर सवालों का तथ्यपूर्ण और विस्तृत जवाब देना चाहिए।” उन्होने कहा कि यह कोई सामान्य जिज्ञासा का सतही समाधान करने की औपचारिकता नहीं है। मामला ‘भगवान और इंसान’ दोनों के साथ हुए दुर्व्यवहार और दुर्भावना से जुड़ा बेहद गंभीर विषय है। इसलिए इस पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब और पूरी जवाबदेही जरूरी है। श्री यादव ने कहा , “ द...

रक्षाबंधन पर बहनों की राह आसान करने को दौड़ेंगी अतिरिक्त बसें

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लखनऊ, 12 अगस्त (वार्ता) रक्षाबंधन के मौके पर बहनों को भाइयों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष परिवहन व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने 26 से 31 अगस्त तक छह दिनों के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन करने तथा परिवहन निगम की शत-प्रतिशत बसों को सड़क पर उतारने के निर्देश दिए हैं। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रक्षाबंधन पर बहनों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए परिवहन निगम को अधिकतम बसों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर यात्रियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए इस दिशा में अतिरिक्त बस सेवाएं बढ़ाई जाएंगी। यात्रियों की मांग के अनुसार लखनऊ, कानपुर सहित अन्य प्रमुख गंतव्यों के लिए भी अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन. सिंह ने क्षेत्रीय और सहा...

अमित शाह से सांसद रवि किशन की मुलाकात, गोरखपुर के विकास और युवाओं की आकांक्षाओं पर हुई चर्चा

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नई दिल्ली। सांसद रवि किशन ने बुधवार को संसद भवन स्थित कार्यालय में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से आत्मीय भेंट की। इस दौरान सांसद ने सहकारिता के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के लिए गोरखपुर की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया और केंद्रीय मंत्री से मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद रवि किशन ने कहा कि अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के सार्थक परिणाम धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। सहकारिता के माध्यम से किसानों, ग्रामीणों और आमजन को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। मुलाकात के दौरान Gen Z सहित युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं, उनके उज्ज्वल भविष्य और गोरखपुर के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई। युवाओं के लिए अवसरों के विस्तार और बदलते भारत में उनकी भूमिका को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

अधिवक्ताओं के 10वीं व 12वीं के अंक प्रमाणपत्र भी निकले फर्जी

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प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र लगाकर पंजीकरण कराने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ सिविल लाइंस पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी क्रम में एक और अधिवक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के साथ फर्जी डिग्री से वकालत करने के मामलों की संख्या बढ़कर 99 पहुंच गई है।       फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकरण कराकर वकालत करने के आरोप में सिविल लाइंस पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। फर्जी डिग्री से वकालत करने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी की संख्या बढ़कर 99 हो गई है। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सचिव की ओर से सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि अल्लापुर के रहने वाले एक अधिवक्ता ने 1991 की एलएलबी की डिग्री के अंकपत्र को सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (सीओपी) आवेदन पत्र के साथ लगाया था।       सत्यापन के लिए अंकपत्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय भेजा गया। विवि की ओर से जांच के बाद अंकपत्र की छायाप्रति को गलत और असत्य बताया गया। बार कौंसिल ने बताया कि संबंधित अधिवक्ता को सत्यापन स...

शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना नहीं , बल्कि सभ्यता का निर्माण करना भी होना चाहिए: प्रो सुतावने

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प्रयागराज, (दिनेश तिवारी)  भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी- इलाहाबाद) के निदेशक प्रो मुकुल शरद सुतावने ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना नहीं , बल्कि शिक्षा के माध्यम से सभ्यता का निर्माण करना भी होना चाहिए।        प्रो. सुतावने ने संस्थान के 28वां स्थापना दिवस पर बुधवार को संबोधित करते हुए  कहा कि इस वर्ष के स्थापना दिवस को  "रिकॉग्निशन  डे "  के रूप में मनाया जा रहा है, क्योंकि संस्थान ने पिछले वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।  पिछले तीन वर्षों के दौरान संस्थान द्वारा अनेक महत्वपूर्ण शोध परियोजनाएं, आउटरीच कार्यक्रम तथा अकादमिक एवं तकनीकी पहल संचालित की गई हैं , जिससे संस्थान की शैक्षणिक एवं अनुसंधान पहचान और अधिक सुदृढ़ हुई है।         प्रो  सुतावने ने जेन.जी के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि तकनीकी एवं वैज्ञानिक प्रगति के साथ.साथ जीवन में मानवीय मूल्यों और नैतिकता को भी मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान एवं कौशल प्...

चौथी संतान के लिए मातृत्व अवकाश नहीं, उच्च न्यायालय ने खारिज की याचिका

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प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि किसी महिला सरकारी कर्मचारी की पहले से दो या अधिक जीवित संतानें हैं तो उसे चौथी संतान के लिए मातृत्व अवकाश का लाभ नहीं दिया जा सकता।     न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारी ने पिछली संतानों के जन्म पर मातृत्व अवकाश लिया हो या नहीं , इससे पात्रता के नियम में कोई बदलाव नहीं होता।      न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने यह आदेश दिया है।         शशि कुमारी ने चौथी संतान के लिए मातृत्व अवकाश का आवेदन किया था। 19 जून 2026 के आदेश से उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया। इसे उन्होंने उच्च न्यायालय मेें चुनौती दी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि पहली तीन संतानों के जन्म पर उन्होंने मातृत्व अवकाश नहीं लिया था।       चौथी संतान के लिए वह पहली बार इस सुविधा का लाभ मांग रही हैं। राज्य सरकार ने इसका विरोध किया। कहा कि नियमों के तहत प्रसूति अवकाश 180 दिन का हैए लेकिन दो या अधिक जीवित संतान होने पर यह अवकाश स्वीकृत नहीं किया जा सकता।

ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती के लिए अनुभव की अनिवार्यता खत्मए फार्मेसी डिग्री पर ही मिलेगी नौकरी

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प्रयागराज (दिनेश तिवारी)  इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यूपी में ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती के लिए अतिरिक्त अनुभव की अनिवार्यता को रद्द कर दिया है। अब फार्मेसी या फार्मास्युटिकल साइंस की निर्धारित डिग्री ही भर्ती की शैक्षिक योग्यता के तौर पर पर्याप्त होगी।         प्रदेश में औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) की नौकरी के लिए फार्मेसी या फार्मास्युटिकल साइंस की डिग्री ही काफी होगी। प्रदेश सरकार की ओर से 2015 में सेवा नियमावली संशोधन के जरिये थोपी गई अतिरिक्त अनुभव की अनिवार्यता वाली शर्त रद्द कर दी गई। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय कानून के तहत निर्धारित शैक्षिक योग्यता के अस्तित्व में रहते प्रदेश सरकार अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त योग्यता की शर्त नहीं थोप सकती।         यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और  न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने प्रयागराज के अमित कुमार सिंह व 10 अन्य और कृपा शंकर सिंह व 26 अन्य की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया है।       याचियों ने उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के ...