देश में हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत-2083 के साथ ही चैत्र नवरात्र की धूम , मुर्मु , मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं
नयी दिल्ली, 19 मार्च (वार्ता) हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत-2083 के साथ दैवीय आस्था एवं भक्तिपर्व नवरात्र की गुरुवार को देश भर में शुरूआत हो गयी और इसी के साथ ही गुड़ी पड़वा तथा उगादी का पर्व मनाया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु , उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को हिन्दू नववर्ष तथा नवरात्र की शुभकामनाएं दी।
श्रीमती मुर्मु ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर जाकर राम लला के दर्शन किये। उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर के भीतर विभिन्न स्थानों पर दर्शन एवं आरती की और श्री राम यंत्र स्थापना तथा पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा , "अयोध्या नगरी की पवित्र धूलि का स्पर्श करना ही उनका परम सौभाग्य है, यह वही पवित्र नगरी है जहां प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था। चैत्र शुक्ल संवत्सर 2083 के प्रारंभ और नवरात्रि के पहले दिन यहां उपस्थित होना उनके लिए वास्तव में एक सौभाग्य है।"
श्री राधाकृष्णन ने देश के विभिन्न हिस्सों में मनाए जाने वाले पारंपरिक नव वर्ष उत्सव के अवसर पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं।उन्होंने कहा , "भारत के विभिन्न क्षेत्रों में मनाए जाने वाले ये त्योहार पारंपरिक नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक हैं, वसंत ऋतु के आगमन की घोषणा हैं और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता में एकता की अटूट भावना को दर्शाते हैं।" उन्होंने उम्मीद जतायी कि ये शुभ अवसर सभी नागरिकों के बीच खुशी, समृद्धि और आशावाद की एक नयी भावना लेकर आएंगे।
श्री मोदी ने नव वर्ष के अवसर पर अपने संदेश में कहा, "नव वर्ष के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि यह नया वर्ष आप सभी के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा भावना को और मजबूत करे, और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को नई शक्ति प्रदान करे।" उन्होंने नवरात्र पर्व की शुभकामनाएं देते हुए देशवासियों को अपने परिवार के सदस्यों के रूप में संबोधित किया और कहा कि शक्ति की पूजा का यह पवित्र अवसर आप सभी के लिए सुख, सौभाग्य, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।
उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के आशीर्वाद से विकसित भारत के लिए हमारा संकल्प नई ऊर्जा प्राप्त करेगा। एक अलग संदेश में, उन्होंने मां दुर्गा के चरणों में आदरपूर्वक प्रणाम और श्रद्धा अर्पित की और प्रार्थना करते हुए कहा कि देवी सभी को प्रेम और करुणा का आशीर्वाद दें। उन्होंने पूरे देश में पारंपरिक नव वर्ष के अवसर पर मनाए जाने वाले विभिन्न क्षेत्रीय त्योहारों, जैसे गुड़ी पड़वा, उगादी, चेटी चंड, साजिबू चीराओबा और नवरेह, की भी शुभकामनाएं दीं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी चैत्र नवरात्र महापर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
श्री खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा,"शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा की आराधना के महापर्व 'चैत्र नवरात्र' स्थापना के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक मंगलकामनाएं। मेरी आशा है कि यह पावन महापर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा आदिशक्ति की कृपा सदैव आप सब पर बनी रहे।"
श्रीमती वाड्रा ने कहा, "आदिशक्ति जगतजननी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के पावन पर्व चैत्र नवरात्र की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। माता रानी आप सबके जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करें।"
नवरात्र की आज शुरुआत के साथ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के झंडेवालान मंदिर छतरपुर के मंदिर और देवी के विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का रेला लग गया। जम्मू में विश्व प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश की ज्वाला देवी मंदिर , मध्य प्रदेश में मैहर की शारदा मंदिर , छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में मां बमलेश्वरी मंदिर तथा बस्तर के दंतेश्वरी मंदिर , ओडिशा में संबलपुर के समलेश्वरी मंदिर तथा अन्य स्थानों पर प्रसिद्ध देवी मंदिरों में देश भर से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है जो नवरात्र के अंतिम दिन 27 मार्च तक तक चलेगा। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के मद्देनजर रेलवे ने संबंधित तीर्थस्थलों को जोड़ने वाले शहरों से गुजरने वाली ट्रेनों के समीपस्थ स्टेशनों पर अल्पकालिक ठहराव दिये जाने की घोषणा की है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चैत्र नवरात्र के पहले दिन गुरुवार को पत्नी सुमन सैनी के साथ माता मनसा देवी मंदिर में दर्शन किये। उन्होंने मंदिर परिसर की यज्ञशाला में वैदिक मंत्रों के बीच हवन-यज्ञ किया और आहुति अर्पित की। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक पौधा भी लगाया। इस दौरान श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने उन्हें माता मनसा देवी का चित्र और हिंदू नव वर्ष का कैलेंडर भेंट कर सम्मानित किया।
चैत्र नवरात्र के पावन पर्व पर उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था अपने चरम पर दिखाई दे रही है। माँ मनसा देवी मंदिर और माँ चंडी देवी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। दर्शन के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें सुबह से नजर आ रही है।
उत्तराखंड में ही नैनीताल जिले में चैत्र नवरात्र पर विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में भक्तों का सैलाब उमड़ा। हल्द्वानी के शीतला देवी मंदिर, नैनीताल के मां नयना देवी मंदिर और कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
तेलंगाना में आज तेलुगु नव वर्ष उगादी पारंपरिक उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया गया। पूरे राज्य के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने विशेष प्रार्थनाएं कीं, वहीं कई मंदिरों ने इस अवसर को चिह्नित करने के लिए पंचांग पाठ का आयोजन किया। इस अवसर पर घरों को फूलों, आम के पत्तों और नीम से सजाया गया तथा घरों में पारंपरिक पकवान बनाया गया। उगादी पचड़ी, जो अपने मीठे, खट्टे और कड़वे स्वादों के अनूठे मिश्रण के लिए जानी जाती है, जीवन के विविध अनुभवों का प्रतीक है। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और अन्य नेताओं ने इस शुभ अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन मुख्यमंत्री निवास स्थित राज राजेश्वरी मंदिर में सपत्नीक विधिवत पूजा-अर्चना कर घट स्थापना की तथा मां दुर्गा की आराधना की।
मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी एवं समृ़द्ध जीवन की प्रार्थना की। उन्होंने इस दौरान गर्मी के मौसम के मद्देनजर वृक्षों पर पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधें।
बिहार में शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गा की उपासना का त्योहार चैत्र नवरात्र आज से शुरू हो गया। शुभ मुहुर्त में विधि विधान से नवरात्र आराधना को लेकर कलश की स्थापना कर पूजा शुरू की गई। इसके साथ ही मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का नौ दिवसीय अनुष्ठान आज से शुरू हो गया। घरों और मंदिरों में पूजा-पाठ एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरु हो गया। चैत्र नवरात्र को लेकर सुबह होते ही लोग पूजा की तैयारी में लग गये। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान भी किया। इस व्रत को करने वाले लोगों ने घर की साफ-सफाई पूरी करने के बाद कलश स्थापना की। नवरात्र के पहले दिन भगवती के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की जा रही है।गंगा मिट्टी में जौ डालकर उसके ऊपर कलश स्थापना कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देवी का आह्नान कर पूजा की गयी।
उत्तर प्रदेश के विंध्यांचल धाम में प्रसित्र विंध्यवासिनी मंदिर में चार लाख से अधिक भक्त दर्शन कर चुके हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल है। विंध्याचल धाम आध्यात्मिक दृष्टि से विश्व प्रसिद्ध है, जहां श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति के लिए आते हैं। वहीं साधु-संत मोक्ष की कामना से नवरात्र के दौरान नौ दिन तक विभिन्न स्थलों पर अनुष्ठान करते हैं। करीब 14 किलोमीटर में फैले मेला क्षेत्र में इस समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। विंध्य पर्वत तथा गंगा तट के घाटों पर स्नान करने वालों का तांता लगा हुआ है।देवीपाटन मंदिर में भी सुबह से अब तक लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए हैं। इसी तरह शाकुम्भरी देवी मंदिर में 50 हजार से अधिक भक्त पहुंच चुके हैं। नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसमें युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से अधिक है।
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