मौनी अमावस्या पर 3.50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावनाओ को लेकर तैयारियां पूरी

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माघ मेला के सबसे बड़े स्नान पर्व "मौनी अमावस्या" पर साढ़े तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान की संभावना को देखते हुए मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। 

   मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर तीन से साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र को नौ सर्किल में विभाजित किया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए 16 होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं और लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।  इस ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्थाए डायवर्जन, एआई आधारित सर्विलांस और भीड़ प्रबंधन को और मजबूत किया गया है।

      आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मौनी अमावस्या स्नान पर्व के एक दिन पूर्व शाम 6 बजे तक लगभग 1.5 करोड़ लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई।

       मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। मेले में एक अतिरिक्त स्नान घाट "काली पार्ट.दो" का विस्तार किया है। लखनऊ और अयोध्या की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नागवासुकि क्षेत्र में ही स्नान की व्यवस्था की जा रही है जिससे संगम क्षेत्र पर दबाव कम किया जा सके।  शुक्रवार भोर से संगम नोज के अलावा नैनी के अरैल , झूंसी और संगम क्षेत्र के प्रमुख स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

     एक अनुमान के अनुसार शुक्रवार को 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि प्रशासन के मुताबिक देर शाम तक 25 से 30 लाख लोगों की मेला क्षेत्र में मौजूदगी दर्ज की गई। इसमें काफी संख्या में कल्पवासी भी शामिल रहे। मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व को लेकर देश.विदेश से श्रद्धालुओं का प्रयागराज पहुंचने का सिलसिला जारी है। शनिवार और रविवार को अवकाश होने से भीड़ में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।

     मेला प्रशासन ने जल यातायात योजनाए, रेडियो संचार , आपदा प्रबंधन , भीड़ नियंत्रण , सॉफ्ट स्किल, पांटून पुल , अग्निशमन , सुरक्षा , अभिसूचना और साइबर अपराध से संबंधित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा

माघ मेला में शनिवार रात 12 बजे से शहर में भारी वाहनों का जारी किया रूट डायवर्जन प्लान।

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