विपक्ष हार से कुंठाग्रस्त, पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र और संविधान खतरे में: भाजपा

लखनऊ, 17 जनवरी (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हुए कई चुनावों में भाजपा ने अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में भाजपा को मिली जीत से स्पष्ट है कि विपक्ष लगातार हार से कुंठाग्रस्त और बौखलाया हुआ है।
सुधांशु त्रिवेदी ने लखनऊ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन से जुड़ी सरकारों का रवैया लोकतंत्र विरोधी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहां बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौत के बाद उनकी पत्नी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। बीएलओ सरकार के दबाव में काम करने को मजबूर हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में संविधान खतरे में है और वहां मीडिया को भी स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया जा रहा। त्रिवेदी ने इसकी तुलना पूर्व में उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौर से करते हुए कहा कि उस समय भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिलती थी।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हार की खिसियाहट में विपक्ष संविधान को अपनी जेब में रखने का प्रयास कर रहा है। इंडी गठबंधन लगातार बिखर रहा है और हकीकत यह है कि यह कोई औपचारिक गठबंधन नहीं, बल्कि केवल एक “हवाई गठबंधन” है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र में सपा को केवल एक सीट मिली, जबकि ओवैसी की पार्टी को चार सीटें हासिल हुईं। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या इंडी गठबंधन का वास्तव में कोई अस्तित्व है। इंडी गठबंधन के नाम पर जनता को गुमराह करने का प्रयास अब बंद होना चाहिए।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अखिलेश यादव एसआईआर को लेकर स्वयं भ्रम की स्थिति में हैं। कभी वे वोट कटने की बात करते हैं तो कभी जुड़ने की। यही विरोधाभासी रवैया उन पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अखिलेश यादव तेजस्वी यादव के अनुभव से कोई सबक लेना चाहेंगे या नहीं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एक उभरता और विकसित प्रदेश बनकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। अंत में उन्होंने इंडी गठबंधन से सवाल किया कि क्या पश्चिम बंगाल में जानबूझकर बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है और क्या इसकी जिम्मेदारी वहां की सरकार नहीं लेगी।

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