बीएचयू में डेंटल इम्प्लांटोलॉजी कार्यशाला, लाइव सर्जरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न
वाराणसी, 18 जनवरी (वार्ता) काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के दंत विज्ञान संकाय में आयोजित सात दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला ‘डेंटल इम्प्लांटोलॉजी: डायग्नोसिस एवं प्लानिंग से लेकर निष्पादन तक’ के पहले दो दिन लाइव सर्जिकल प्रक्रियाओं और उन्नत इम्प्लांट तकनीकों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गए।
रविवार को जनसंपर्क विभाग के द्वारा बताया गया कि यह कार्यशाला 16 से 22 जनवरी तक चल रही है। पहले दो दिनों के लाइव सर्जिकल सत्रों में एक प्रमुख शल्य प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया, जिसमें कंप्रेशन एवं एक्सपेंशन तकनीक का उपयोग कर एक मरीज के निचले जबड़े में छह तथा ऊपरी जबड़े में पांच डेंटल इम्प्लांट सफलतापूर्वक लगाए गए। इस सर्जरी को चरणबद्ध तरीके से प्रतिभागी दंत चिकित्सकों के समक्ष प्रदर्शित किया गया, जिससे आधुनिक इम्प्लांट प्लेसमेंट प्रोटोकॉल की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र में प्रोस्थेसिस की डिजाइनिंग, निर्माण, समायोजन तथा अंतिम फिटिंग सहित संपूर्ण प्रोस्थेटिक वर्कफ्लो को प्रतिभागियों के सामने प्रस्तुत किया गया। इससे उन्हें प्रोस्थेटिक योजना और इम्प्लांट के क्लिनिकल एकीकरण का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।
कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षु दंत चिकित्सकों ने विशेषज्ञों की निगरानी में दो मालवीय डेंटल इम्प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित किए। इसके अलावा, एक पूर्णतः दंतहीन (एडेंटुलस) मरीज के निचले जबड़े में दो इम्प्लांट लगाए गए, जिन्हें मैग्नेटिक अटैचमेंट्स के माध्यम से रिमूवेबल डेंचर से जोड़ा गया। इस तकनीक से पहले अस्थिर रहने वाला डेंचर अत्यंत स्थिर हो गया, जिससे मरीज की बोलने की क्षमता, चबाने की दक्षता तथा चेहरे की सौंदर्य में उल्लेखनीय सुधार देखा गया।
इस कार्यशाला का आयोजन एवं प्रबंधन काइंडवे बायोरेजेन्स द्वारा किया जा रहा है, जो बीएचयू समर्थित एक स्टार्टअप है और डेंटल इम्प्लांट एवं बायोमैटेरियल्स नवाचार के क्षेत्र में सक्रिय है।

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