समग्र विकास की योजना को बाधित करने के लिए रची जा रहीं हैं साजिशें: योगी


वाराणसी, 17 जनवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक नगरी काशी के मणिकर्णिका घाट पर मूर्तियों को खंडित करने वाले कथित वीडियो की ओर इशारा करते हुये कहा कि पिछले 11 वर्षों में काशी के समग्र विकास की योजना को बाधित करने के लिए साजिशें रची जा रही हैं और दुष्प्रचार किया जा रहा है।
काल भैरव मंदिर और विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद योगी ने शनिवार को यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा “ काशी के समग्र विकास की योजना को बाधित करने के लिये साजिशें रची जा रही हैं और दुष्प्रचार किया जा रहा है। इसके सही तथ्य जनता के सामने आ सकें, इसलिए मुझे आज काशी आना पड़ा है।”
उन्होंने कहा, “काशी अविनाशी है। काशी के प्रति हर सनातनी और हर भारतवासी अपार श्रद्धा रखता है। स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था और जिस गति से उसका विकास होना चाहिए था, वह समग्र विकास पहले नहीं हो पाया। पिछले 11 वर्षों में काशी अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उसका संवर्धन कर रही है। साथ ही भौतिक विकास के माध्यम से नई ऊँचाइयों को छू रही है। काशी को एक नई वैश्विक पहचान मिली है। काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी की पुरातन काया को संरक्षित रखते हुए उसे नए क़लेवर में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। इसी के अनुरूप 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएँ काशी के लिए स्वीकृत हुई हैं। इनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएँ लोकार्पित हो चुकी हैं और शेष पर कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रतिदिन पांच हजार से 25 हजार तक श्रद्धालु आते थे। आज यह संख्या डेढ़ लाख से डेढ़ लाख प्रतिदिन हो गई है। पीक सीजन में यह संख्या 6 लाख से 10 लाख तक पहुँच जाती है।

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