यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर-हेल्थटेक कॉरिडोर

लखनऊ, 18 जनवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश को हेल्थकेयर, मेडिकल रिसर्च और मेडिकल टेक्नोलॉजी का राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में आयोजित यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रदेश अब स्वास्थ्य सेवाओं में केवल उपभोक्ता राज्य नहीं रहेगा, बल्कि मेडिकल इनोवेशन, मेडिकल डिवाइस और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सिर्फ 25 करोड़ नहीं, बल्कि यूपी के साथ आसपास के राज्यों की जरूरतों को मिलाकर करीब 35 करोड़ लोगों के स्वास्थ्य की बड़ी जिम्मेदारी निभाता है। सरकार का लक्ष्य है कि चिकित्सा सुविधा हर नागरिक तक, विशेषकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सम्मानजनक तरीके से पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने बीते पौने नौ वर्षों के बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वर्ष 2017 से पहले कुल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। इसके साथ ही प्रदेश में दो एम्स, जिला अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण, सीएचसी-पीएचसी नेटवर्क और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का विस्तार कर ग्रामीण क्षेत्रों तक निःशुल्क सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीब परिवारों को बड़ा सुरक्षा कवच दिया है। यूपी में 5.5 करोड़ परिवारों को आयुष्मान कार्ड मिल चुके हैं, जिससे पात्र लाभार्थियों को ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज मिल रहा है। जिन परिवारों का छूट जाना संभव था, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से जोड़ा गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुधारों का असर मातृ-शिशु स्वास्थ्य संकेतकों पर भी दिखा है। साथ ही, एक समय प्रदेश में कहर बन चुकी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर निर्णायक रणनीति अपनाकर नियंत्रण पाया गया है। टेक्नोलॉजी के उपयोग पर जोर देते हुए सीएम ने कहा कि अब लक्ष्य है कि स्क्रीनिंग और प्राथमिक जांच गांव स्तर पर ही हो जाए, जिससे मरीजों को अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े। टेलीमेडिसिन, टेलीकंसल्टेशन और एआई आधारित स्क्रीनिंग को राज्य में बड़े पैमाने पर बढ़ाया जाएगा।
योगी ने बताया कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क तथा ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क तेजी से विकसित हो रहे हैं। कार्यक्रम में उन्होंने यूपी-आईएमआरएएस सॉफ्टवेयर का लोकार्पण और क्लिनिकल ट्रायल से जुड़े एसओपीयस प्रकाशन का विमोचन किया। उन्होंने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि यूपी में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित माहौल और सिंगल विंडो व्यवस्था उपलब्ध है, सरकार समयबद्ध स्वीकृतियों के साथ हर स्तर पर सहयोग देगी।

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