पूर्व अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को रेलवे के लेवल-1 और लेवल -2 के पदों में मिलेगा आरक्षण


नयी दिल्ली 25 फरवरी (वार्ता) रेलवे ने सेना के साथ 'सहयोग ढांचे' के अंतर्गत भूतपूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए लेवल-1 और लेवल-2 तथा उससे उपर के पदों पर भर्ती के लिए आरक्षण के प्रावधान लागू किए हैं। सेना ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक एक पोस्ट में कहा कि सेना और रेलवे ने अग्निवीरों तथा सेवा निवृत सैनिकों को दोबारा रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए एक 'सहयोग ढांचे' पर सहमति व्यक्त की है।

चार साल के कार्यकाल के बाद सेना छोड़ने वाले अग्निवीरों तथा सेना से सेवानिवृत होने वाले सैनिकों के लिए यह अच्छी खबर है। अग्निवीरों के पहले बैच का कार्यकाल इस वर्ष समाप्त होने वाला है और इसे देखते हुए सेना तथा रेलवे की यह पहल उन्हें कुछ राहत देने वाली है।
सेना की पोस्ट में लिखा है , " भारतीय सेना और भारतीय रेल ने अग्निवीरों और सेना कर्मियों के लिए सेवा निवृत्ति के बाद रोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 'सहयोग ढांचा' शुरू किया है। भारतीय सेना और रेल मंत्रालय के वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन में यह पहल नागरिक सेवाओं में सहज बदलाव को सुगम बनाने, रेलवे में उपलब्ध रोजगार अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के लिए एक उत्तरदायी सहायता तंत्र स्थापित करने का प्रयास है। यह ढांचा पूर्व सैनिकों को सार्थक द्वितीय करियर प्रदान करने और राष्ट्रीय विकास में योगदान देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। "
रेलवे ने भी दोनों संस्थानों की साझा कार्य-संस्कृति को रेखांकित करते हुए कहा, "भारतीय रेल और सेना के बीच बहुमूल्य कौशल, अनुशासन, प्रौद्योगिकी दक्षता और नेतृत्व गुणों की समानता है, जिन्हें दोनों संगठनों के कार्मिक अपनी सेवा के दौरान अर्जित करते हैं और जो उन्हें राष्ट्र निर्माण में परस्पर सहयोगात्मक रूप से योगदान देने में सक्षम बनाते हैं।"
रेलवे के 19 फरवरी के पत्र में कहा गया है , " काफी संख्या में सैनिक, नाविक और वायुसैनिक अपेक्षाकृत कम आयु में पर्याप्त परिचालन अनुभव, प्रबंधकीय क्षमता और सबसे महत्वपूर्ण अनुशासन तथा राष्ट्रीय उत्साह की भावना के साथ सेवानिवृत्त होते हैं।" रेलवे ने यह भी कहा है कि सेवानिवृत्त सशस्त्र बल कर्मियों का कल्याण "भारतीय रेल की नीतिगत संरचना का एक महत्वपूर्ण घटक रहा है।"
मौजूदा प्रावधानों का विवरण देते हुए रेलवे ने बताया कि लेवल-1 और लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में उपयुक्त आरक्षण कोटा निर्धारित किया गया है। पत्र में यह भी कहा गया है, "लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत और लेवल-1 पदों में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जबकि पूर्व-अग्निवीरों के लिए लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में 5 प्रतिशत और लेवल-1 पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है। "
वर्ष 2024 और 2025 में रेलवे द्वारा अधिसूचित रिक्तियों में "भूतपूर्व सैनिकों के लिए 14,788 पद आरक्षित किए गए, जिनमें लेवल-1 के 6,485 पद और लेवल-2 और उससे ऊपर के 8,303 पद शामिल हैं।"
पत्र में कहा गया है, "मौजूदा रिक्तियों को भरने और भूतपूर्व सैनिकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से रेल मंत्रालय ने नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पदों के भरे जाने तक भारतीय रेल में 'पॉइंट्समैन' के पदों पर भूतपूर्व सैनिकों की संविदा आधार पर भर्ती का निर्णय लिया है।"
लेवल-1 के ये पद, जिनकी संख्या 5,000 से अधिक है, मंडल और जोन स्तर पर प्रक्रिया में हैं। अब तक नौ मंडलों ने संबंधित सेना संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। रेलवे ने अनुरोध किया है कि संबंधित सेना भर्ती संगठन भी मंडलों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय करें, जिससे इन पदों को शीघ्र भरा जा सके।"
सरकार ने इसके अलावा पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार सुनिश्चित करने के लिए इससे पहले केन्द्रीय पुलिस बलों की भर्ती में भी उनके लिए आरक्षण का प्रावधान किया है। पूर्व अग्निवीरों को दिल्ली पुलिस में सिपाही की भर्ती में भी 20 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की गयी है। इसमें शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट और अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष तक की छूट जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान भी शामिल हैं। इसकी जानकारी देते हुए इसे रक्षा मंत्रालय तथा रेलवे के बीच सहयोग के मामले में मील का पत्थर बताया है।
रक्षा मंत्रालय ने जून 2022 में रक्षा क्षेत्र में एक बड़े सुधार के तौर पर सेनाओं में जवानों की नियमित भर्ती बंद करते हुए 'अग्निपथ' योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती शुरू की थी। इस योजना के तहत युवाओं को सेना, नौसेना और वायुसेना में अल्पकालिक संविदात्मक आधार पर भर्ती करने की व्यवस्था की गई थी।

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