मतदाता सूची पुनरीक्षण: 10 अप्रैल को जारी होगी अंतिम सूची
लखनऊ, 6 फ़रवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने कहा है कि 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर दावा-आपत्ति और मैपिंग की प्रक्रिया जारी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अब तक फॉर्म-7 के कुल 82,684 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि फॉर्म-6 के अंतर्गत 37,80,414 आवेदन आए हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 के आवेदन लगातार बढ़ रहे हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक सामने आ रहे हैं, जिनके नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे और वे अब अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। वहीं, विदेश में रह रहे पात्र भारतीय नागरिक फॉर्म-6ए के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
मैपिंग (गणना फॉर्म) से जुड़ी स्थिति पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 1 करोड़ 4 लाख मतदाता ऐसे पाए गए, जिनमें तार्किक विसंगतियां पाई गईं। इन्हीं विसंगतियों के कारण फिलहाल उन्हें मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया है और अब इन सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कुल 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने हैं, जिनमें से अब तक 2 करोड़ 37 लाख नोटिस जनरेट किए जा चुके हैं। इनमें से 86 लाख नोटिस मतदाताओं को वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही, 30 लाख 30 हजार मतदाताओं की सुनवाई पूरी कर ली गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दावा-आपत्ति की अवधि को एक माह बढ़ाकर 6 मार्च तक कर दिया गया है।
वहीं, मैपिंग से जुड़े सभी नोटिसों की प्रक्रिया 27 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद सभी औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे और मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और विश्वसनीय हो।

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