पहले ही रोके जा सकते हैं कैंसर के 30 प्रतिशत मामलें: संयुक्त राष्ट्र

न्यूयॉर्क, 04 फरवरी (वार्ता) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और संयुक्त राष्ट्र की कैंसर अनुसंधान के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसी (आईएआरसी) के एक ताज़ा अध्ययन में सामने आया है कि कैंसर के लगभग 30 प्रतिशत मामलों को पहले ही रोका जा सकता है।

यह अध्ययन तंबाकू, शराब, उच्च बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), शारीरिक निष्क्रियता, वायु प्रदूषण और पराबैंगनी विकिरण सहित 30 रोकथाम योग्य कारणों पर आधारित है।
विश्व कैंसर दिवस,चार फरवरी के अवसर पर जारी इस अध्ययन में पहली बार नौ कैंसर पैदा करने वाले संक्रमणों को भी शामिल किया गया है, जैसे कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी), जो सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर का कारण बन सकता है।
कैंसर दुनिया भर में मौत के कारणों में सबसे प्रमुख बना हुआ है। वर्ष 2020 में दुनिया भर में लगभग एक करोड़ मौतें इसी बीमारी से हुईं, जो कि लगभग हर छह मौतों में से एक का कारण है। अनुमान बताते हैं कि यदि वर्तमान रुझान जारी रहा, तो 2040 तक नये मामलों में 50 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है, जो प्रभावी रोकथाम रणनीतियों की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है।
अध्ययन में 185 देशों और 36 प्रकार के कैंसर के आंकड़ों का उपयोग किया गया है। इस तरह का अनुमान है कि वर्ष 2022 में कैंसर के कुल नये मामलों में से 37 प्रतिशत (लगभग 71 लाख) ऐसे थे जिन्हें रोका जा सकता था।
डब्ल्यूएचओ के कैंसर नियंत्रण टीम के प्रमुख और अध्ययन के लेखक डॉ. आंद्रे इल्बावी ने कहा, "देशों और जनसंख्या समूहों के स्वरूपों की जांच करके, हम सरकारों और व्यक्तियों को अधिक विशिष्ट जानकारी प्रदान कर सकते हैं ताकि कई कैंसर के मामलों को शुरू होने से पहले ही रोकने में मदद मिल सके।"
रोके जा सकने वाले कैंसर में तंबाकू के कारण होने वाला कैंसर सबसे प्रमुख है। यह सभी नये मामलों में 15 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद 'संक्रमण' (10 प्रतिशत) और 'शराब का सेवन' (3 प्रतिशत) आता है। पुरुषों और महिलाओं दोनों में रोकथाम योग्य मामलों में से लगभग आधे फेफड़े, पेट और सर्वाइकल कैंसर के थे। फेफड़ों का कैंसर मुख्य रूप से धूम्रपान और वायु प्रदूषण से जुड़ा था, जबकि पेट का कैंसर काफी हद तक हेलिकोबैक्टर पाइलोरी संक्रमण के कारण था। वहीं सर्वाइकल कैंसर मुख्य रूप से एचपीवी के कारण हुआ।
रोके जा सकने वाले कैंसर का बोझ महिलाओं की तुलना में पुरुषों में काफी अधिक पाया गया। पुरुषों में धूम्रपान कुल नये मामलों के 23 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार था, जबकि महिलाओं में संक्रमण 11 प्रतिशत और धूम्रपान छह प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार पाया गया।
रोके जा सकने वाले कैंसर के मामले दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग पाए गए। महिलाओं में यह उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशिया में 24 प्रतिशत से लेकर उप-सहारा अफ्रीका में 38 प्रतिशत तक था। पुरुषों में सबसे अधिक 57 प्रतिशत पूर्वी एशिया देखा गया, जबकि लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में सबसे कम 28 प्रतिशत मामले मिले।
रिपोर्ट में अलग-अलग प्रकार के कैंसर के लिए अलग-अलग रणनीतियों को अपनाने पर जोर दिया गया है। इनमें तंबाकू नियंत्रण और शराब नियंत्रण को मजबूती से लागू करना, जबकि एचपीवी और हेपेटाइटिस बी जैसे कैंसर पैदा करने वाले संक्रमणों के खिलाफ टीकाकरण को बढ़ावा देना शामिल है। इसके साथ ही विभिन्न स्वास्थ्य निकायों के माध्यम से व्यापक जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया गया है।
इसके अलावा वायु गुणवत्ता में सुधार, सुरक्षित कार्यस्थल, स्वस्थ भोजन और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी महत्वपूर्ण है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वित कार्रवाई लाखों परिवारों को कैंसर के बोझ से बचा सकती है।

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