बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देना आवश्यक : आनंदीबेन पटेल
लखनऊ, 23 फरवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि “शिक्षा में किया गया दान सर्वश्रेष्ठ दान है। नन्हे-मुन्ने बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें छोटी आयु से ही शिक्षा, संस्कार एवं अनुशासन प्रदान करना विद्यालयों का दायित्व है। बाल्यावस्था में बच्चों की ग्रहणशीलता अत्यंत तीव्र होती है, इसलिए परिवार और विद्यालय दोनों को मिलकर सकारात्मक एवं संस्कारित वातावरण देना चाहिए।”सोमवार को राज्यपाल ने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, अर्जुनगंज में कम्प्यूटर लैब एवं विद्यालय की वेबसाइट का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अध्ययन आज की आवश्यकता है, लेकिन इसके साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल ने कहा कि “छोटी उम्र में जो भी संस्कार और शिक्षा बच्चों को दी जाती है, उसका उनके व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए विद्यालयों और परिवारों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सही दिशा दें और उनके सर्वांगीण विकास में योगदान करें।” उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव के बिना उच्च शिक्षा को सशक्त नहीं बनाया जा सकता।
इस अवसर पर राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ बनाने के लिए छह किट वितरित कीं और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों को संस्कारयुक्त, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
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