एसआईआर पश्चिम बंगाल : चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया स्थायी निवासी प्रमाण-पत्र भी मान्य दस्तावेज

नयी दिल्ली/कोलकाता, 08 फरवरी (वार्ता) निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में वर्ष 2026 की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर रविवार को महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्थायी निवासी/डोमिसाइल प्रमाण-पत्र मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान पात्रता सिद्ध करने वाले मान्य दस्तावेजों में शामिल रहेगा।
राष्ट्रीय राजधानी के निर्वाचन सदन से जारी निर्देश में आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को बताया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान मतदाता की पहचान और निवास से संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन में किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई न हो, इसके लिए स्थायी निवासी प्रमाण-पत्र को स्वीकार्य प्रमाण के रूप में माना जाएगा। आयोग ने कहा कि यह कदम पात्र मतदाताओं को सुविधा देने और वास्तविक निवासियों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी तथा सरल बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
चुनाव आयोग के अनुसार एसआईआर-2026 का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे और अपात्र नामों को हटाया जा सके। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दस्तावेजों की जांच निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्धारित नियमों के अनुरूप की जाए तथा किसी भी योग्य मतदाता को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
आयोग ने यह भी कहा कि बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) और संबंधित चुनाव कर्मियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं, जिससे मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने और सत्यापन की प्रक्रिया में सुविधा मिल सके। साथ ही, स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को आवश्यक कागजात और प्रक्रिया की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया है।
निर्वाचन आयोग ने भरोसा जताया कि इस स्पष्टता से पुनरीक्षण प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ेगी और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी तथा त्रुटिरहित बनेगी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मजबूत होगी।

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