अजित पवार की अस्थियां संगम में विसर्जित
जय पवार ने पिता की तस्वीर को दंतवत होकर प्रणाम किया। अस्थियां प्रवाहित करने के बाद जय पौसार बहुत भावुक हो गए।
अजित पवार का परिवार चार्टेड प्लेन से बारामती से अपराह्न प्रयागराज आया था। जय पिता की अस्थियां लेकर नंगे पैर एयरपोर्ट से बाहर आये। उनके हाथ मे अस्थियो का बॉक्स देखकर लोगों की आंखे नम हो गई। एयरपोर्ट से संगम तक लंबे काफिले के साथ परिवार घाट पर पहुंचा। अस्थि विसर्जन के दौरान भाजपा और एनसीपी के बड़े नेता भी मौजूद रहे।
पुणे से नंगे पांव महारष्ट्र से प्रयाग्रह पहुंचे जय पवार और उनकी पत्नी के साथ अभिषेक बोके , रंजीत पंवार , दीप्ति घाटगे , अभिजीत पवार, राजकुमार भाले, रामचन्द्र चौबे ( पीएसओ), नीता पाटिल , शेरीन वर्गीश आदि रहे।
एन सी पी युवा इकाई राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्य्क्ष धीरज शर्मा की अगुवाई में कश्मीर से कन्याकुमारी तक अजित पवार की "अस्थि कलश" निकली गई थी। बारह राज्यो से गुजरी यात्रा का समापन आज बेटे और परिवार की मौजूदगी में संगम में विसर्जित हुआ।
उन्होंने बताया कि हिन्दू रीति रिवाज से विधि विधान से संगम में अस्थियां प्रवाहित की।
राष्ट्रवादी नेता धुराज शर्मा ने बताया कि परिवार समेत लाखों कार्यकर्ताओ और दादा के समर्थकों के लिए बहुत भावुक पल है। अस्थि कलश यात्रा को लेकर हरिद्वार से तेलगाना तक गया। अजित दादा केवल महाराष्ट्र के ही नही बल्कि देश की बड़ी राष्ट्रीय राजनैतिक सख्शियत थे।
अस्थि विसर्जन के दौरान मीडिया ने जय पवार से कुछ सवाल किए लेकिन वह शांत दिखे। इस दौरान पारी कार्यकर्ताओ ने मीडियाकर्मियों को दूर रहने का अनुरोध किया।
जिला प्रशासन की ओर से संगम तट पर विशरजन के लिए विशेष व्यवस्था किया गया।
गौरतलब है कि अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर एक चार्टेड विमान दुरघटना में निधन हो गया था। हादसे में उनके साथ दो पायलट, एक महिला क्रू मेंबर समेत पांच लोगों की जान गई थी। विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से पहले गिर गया था और उसमें आग लग गई थी। अजित पवार के निधन के बाद पत्नी सुनेत्र पवार ने महाराष्ट्र पहली उप मुख्यमंत्री की शपथ ली थी।

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