'वायु शक्ति अभ्यास' में प्रमुख भूमिका में नजर आयेगा स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान

'वायु शक्ति अभ्यास' में प्रमुख भूमिका में नजर आयेगा स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान

नयी दिल्ली 11 फरवरी (वार्ता) पिछले वर्ष दुबई एयर शो में करतबबाजी के दौरान भीषण दुर्घटना का शिकार हुआ वायु सेना का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1 ए एक बार फिर आगामी अभ्यास 'वायु शक्ति 2026' में प्रमुख भूमिका में नजर आयेगा। तेजस विमान की इस दुर्घटना में पायलट की भी मौत हो गयी थी।


वायु सेना का यह व्यापक शक्ति प्रदर्शन 27 फरवरी को राजस्थान के जैसलमेर के पास पोखरण फायरिंग रेंज में होगा।


 सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित तेजस मार्क-1ए इस अभ्यास में हवाई ड्रिल और युद्ध प्रदर्शन में भाग लेगा। इस अभ्यास में तेजस के साथ लड़ाकू विमान राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, हॉक, मालवाहक विमान सी-130जे, सी-295, सी-17, हेलिकॉप्टर चेतक, एमआई 17, अपाचे और चिनूक तथा रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सहित 120 प्लेटफार्म हिस्सा लेंगे।


 अभ्यास में छोटी दूरी के लॉइटरिंग म्यूनिशन , आकाश, स्पाइडर और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स जैसी उन्नत हथियार प्रणालियां भी शामिल होंगी जो दिन, संध्या और रात्रि मिशनों को अंजाम देंगी। हालाकि इस अभ्यास में "लंबी दूरी की लक्ष्यभेदी कार्रवाई" शामिल नहीं होगी।


 रक्षा मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा 'वायुशक्ति-26' ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को भी प्रदर्शित करेगा और 'आत्मनिर्भर भारत' की दृष्टि से प्रेरित स्वदेशी प्लेटफॉर्मों के माध्यम से हवाई क्षेत्र में प्रभुत्व, लंबी दूरी की सटीक लक्ष्यभेदन क्षमता, बहु-क्षेत्रीय अभियानों और निर्णायक प्रभाव डालने की भारतीय वायु सेना की क्षमता की पुनः पुष्टि करेगा। "अचूक, अभेद्य और सटीक" के मूल मंत्र से प्रेरित इस अभ्यास का उद्देश्य राष्ट्र को देश की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त करना है।


 इससे पहले वायु सेना उप प्रमुख एयर मार्शल नागेश कपूर ने बुधवार को यहां इससे संबंधित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पहली बार इस तरह का अभ्यास किया जा रहा है जिससे इसका महत्व बढ गया है।


 यह पूछे जाने पर कि पश्चिमी मोर्चे पर भारत के पड़ोसी के लिए इस अभ्यास का क्या कोई रणनीतिक संदेश होगा, इस पर श्री कपूर ने कहा कि वायु सेना अपना प्रदर्शन करेगी, "किसे क्या संदेश जाएगा? यह तय करना आप पर निर्भर है। "


 उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर का संदेश स्पष्ट था। पहली उड़ान भरने से पहले ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हमारी भूमि पर किए गए हर आतंकी कृत्य का जवाब दिया जाएगा तथा उसके दोषियों को इसकी कीमत चुकानी होगी। यही ऑपरेशन का संदेश था।"


 वायु सेना उप प्रमुख ने कहा कि इस अभ्यास में सटीक लक्ष्यभेदन की झलक दिखाई जाएगी। उन्होंने कहा, "एक लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा, विमान अपने हथियार गिराएंगे और उस लक्ष्य को भेदा जाएगा, जिससे सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन होगा। सुरक्षा और संरक्षा कारणों से, लक्ष्य के इतने निकट लोगों की उपस्थिति को देखते हुए, हम उन लंबी दूरी के हथियारों का उपयोग उसी प्रोफाइल में नहीं करेंगे जैसा हमने सिंदूर के दौरान किया था। लेकिन जमीन पर उसका प्रभाव आप अपनी आंखों के सामने देख पाएंगे। "


 


एयर मार्शल कपूर ने यह भी स्पष्ट किया कि 'वायु शक्ति' एक ऐसा अभ्यास है जिसे वायु सेना आंतरिक रूप से संचालित करती है। उन्होंने कहा, "हम अपने लिए नियम बनाते हैं, अपने संदर्भ निर्धारित करते हैं और उसी के अनुसार इसे आयोजित करते हैं। इसके बाद हम एकत्र होकर सीख लेते हैं और आगे की दिशा तय करते हैं। इसलिए यह अभ्यास नहीं, बल्कि एक प्रदर्शन है। इसमें 'सुदर्शन चक्र' की अवधारणा अभी लागू नहीं की जाएगी। यह उन अवधारणाओं के सत्यापन का अभ्यास नहीं है। "


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