भारत और मलेशिया ने रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए दस से भी अधिक समझौते किये
कुआलालंपुर 08 फरवरी (वार्ता) भारत और मलेशिया ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक सुरक्षा और जन-संपर्क जैसे विविध क्षेत्रों में दस से भी अधिक समझौतों पर हस्ताक्षर तथा घोषणाओं के पत्रों का आदान-प्रदान किया गया।
मलेशिया की दो दिन की यात्रा पर आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम के बीच व्यापक वार्ता के बाद रविवार को यहां इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच कुल 10 समझौता ज्ञापन , पत्रों का आदान-प्रदान और नोट्स का आदान-प्रदान हुआ जो दोनों देशों के बीच सहयोग के बढ़ते दायरे को दर्शाता है।
इनमें ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण समझौते पर हस्ताक्षर शामिल हैं, जिसका उद्देश्य फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन तथा भ्रष्टाचार की रोकथाम और उससे मुकाबले के लिए भी समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जो सुशासन और आपसी सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूती देते हुए दोनों देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदों के बीच सुरक्षा सहयोग पर नोट्स का आदान-प्रदान किया गया। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना सहयोग समझौते को आगे बढ़ाकर शांति अभियानों में सहयोग को सुदृढ़ किया गया।
उभरती वैश्विक प्राथमिकताओं के अनुरूप, भारत और मलेशिया ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग पर सहमति जताई, जो महत्वपूर्ण और उच्च-प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखलाओं में निकट सहभागिता का संकेत है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बिग कैट्स एलायंस पर एक फ्रेमवर्क समझौता भी किया गया, जो वन्यजीव संरक्षण में संयुक्त प्रयासों को दर्शाता है।
जन-केंद्रित सहयोग भी इस यात्रा का अहम हिस्सा रहा। भारत के कर्मचारी राज्य बीमा निगम और मलेशिया की सामाजिक सुरक्षा संस्था के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे मलेशिया में कार्यरत भारतीय नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को समर्थन मिलेगा। इसके अतिरिक्त, व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण तथा स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्रों में भी समझौते हुए, जिससे मानव संसाधन विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
यात्रा के दौरान 10वें मलेशिया-भारत सीईओ फोरम की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई, जिसे फोरम के सह-अध्यक्षों ने दोनों सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा। यह रिपोर्ट आर्थिक सहयोग को और गहरा करने में निजी क्षेत्र की मजबूत रुचि को दर्शाती है।
इसके साथ ही, कई भविष्योन्मुखी घोषणाएं की गईं, जिनमें मलेशिया में एक भारतीय महावाणिज्य दूतावास की स्थापना, कुआलालंपुर स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया में एक समर्पित तिरुवल्लुवर केंद्र की स्थापना और मलेशियाई नागरिकों के लिए तिरुवल्लुवर छात्रवृत्तियों की शुरुआत शामिल है।
वित्तीय और शिक्षा क्षेत्रों में, एनआईपीएल और पेनेट एसडीएन बीएचडी के बीच सीमा-पार भुगतान को लेकर समझौता तथा यूनिवर्सिटी ऑफ साइबरजया और भारत के आयुर्वेद प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के बीच अकादमिक सहयोग पर समझौता ज्ञापन की घोषणा की गई।
यह यात्रा भारत-मलेशिया संबंधों को एक व्यापक, रणनीतिक और भविष्योन्मुखी साझेदारी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो साझा रणनीतिक हितों, आर्थिक सहयोग और गहरे सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें