घायल का समय से इलाज जरूरी , एफआईआर नहीं:उच्च न्यायालय
प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी )इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि रिश्तेदार की गवाही झूठी नहीं, नैसर्गिक होती है। भाई पर जानलेवा हमले के बाद इलाज प्राथमिकता होती है, एफआईआर नहीं। लिहाजाए रिश्तेदार की गवाही की विश्वसनीयता और एफआईआर में देरी पर उठे सवाल निराधार हैं।
न्यायमूर्ति सीडी सिंह और न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने कासगंज पेट्रोल पंप के मैनेजर के हत्याकांड में उम्रकैद पाए गुड्डू की आपराधिक अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने सत्र न्यायालय के आदेश पर मुहर लगाते हुए अपीलार्थी को मिली सजा बरकरार रखी।
गौरतलब है कि कासगंज में 20 दिसंबर 2010 की शाम मां गंगा पेट्रोल पंप के मैनेजर वाजिद हसन से पांच हजार रुपये की रंगदारी की मांग को लेकर विवाद में गुड्डू ने गोली मार दी थी। उस समय मैनेजर के भाई मौके पर मौजूद थे। घटना के बाद अस्पताल ले जाते वक्त मैनेजर ने दम तोड़ दिया। इसके बाद भाई की तहरीर पर गुड्डू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। विवेचना के बाद पुलिस ने ट्रायल कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। ट्रायल कोर्ट ने 2015 में गुड्डू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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