अखिलेश यादव ने किया पीडीए पाठशाला को जनआंदोलन में बदलने का आह्वान

लखनऊ, 6 फ़रवरी (वार्ता) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि ‘पीडीए पाठशाला’ के सांकेतिक आंदोलन को अब वास्तविक और ज़मीनी जनआंदोलन में बदलना होगा। तभी शोषित-वंचित समाज की आने वाली पीढ़ियाँ पढ़-लिखकर आगे बढ़ सकेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की शिक्षा-विरोधी सोच के कारण प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद कराया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा है कि भाजपा जानती है कि शिक्षा से लोगों में जागरूकता और वैज्ञानिक चेतना आती है, जो उसकी दक़ियानूसी, रूढ़िवादी और संकीर्ण सोच के लिए ख़तरा है। इसी वजह से भाजपा शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान के ख़िलाफ़ रहती है और उसके संगी-साथी बच्चों को एकरंगी नकारात्मक विचारधारा में ढालना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों से शिक्षा और तालीम का अधिकार छीनना एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जिसका सबसे ज़्यादा नुकसान पीडीए समाज को ही उठाना पड़ेगा। अगर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया गया तो ग़रीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि आने वाला चुनाव ऐतिहासिक होगा, जिसमें शिक्षा भाजपा को हराने-हटाने का निर्णायक मुद्दा बनेगी। उन्होंने कहा कि ग़रीब से ग़रीब व्यक्ति और विशेषकर हर माँ अपने बच्चों को पढ़ाना चाहती है और इस बार महिलाएं ही भाजपा की हार तय करेंगी।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा खातों में पैसे डालने का दिखावा करेगी, लेकिन गाँव-गली-मोहल्लों तक यह सच्चाई फैल चुकी है कि यदि सरकारी स्कूल बंद हुए तो निजी स्कूलों की लूट शुरू हो जाएगी। प्राइवेट स्कूलों की भारी-भरकम फीस, यूनिफॉर्म, किताब-कॉपी, आने-जाने और अन्य खर्चों में आम परिवार की कमाई खर्च हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे कोई भी लालच दे, इस बार जनता उसके झांसे में नहीं आने वाली। लोग आज भी 15 लाख रुपये के वादे का हिसाब मांग रहे हैं और यही कारण है कि अब कई लोग खुद को भाजपाई बताने से कतराने लगे हैं।
अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकारी शिक्षा खत्म हुई तो महंगाई और बेरोज़गारी से जूझ रहे लोग बच्चों को पढ़ा ही नहीं पाएंगे। जो किसी तरह पढ़ाने की कोशिश भी करेंगे, उनकी पूरी कमाई निजी स्कूलों की फीस, यूनिफॉर्म, किताब-कॉपी, रिक्शा-बस, प्रोजेक्ट, पिकनिक और अन्य खर्चों में ही निकल जाएगी।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

खुशहाली की राहें

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना