लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हब बनाने की तैयारी

लखनऊ, 30 दिसंबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शहीद पथ के समीप एक भव्य और आधुनिक संस्कृति भवन का निर्माण किया जाएगा। इस भवन में संस्कृति विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी निदेशालयों के कार्यालयों को एक ही परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को संस्कृति एवं पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्कृति भवन के लिए भूमि की व्यवस्था की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के नवीन परिसर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही राजधानी में पर्यटन एवं संस्कृति पार्क भी विकसित किया जाएगा, जिसमें पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी वस्तुओं का प्रदर्शन होगा। इसकी शुरुआत प्रदेश के 17 नगर निगमों के अंतर्गत आने वाले पार्कों से की जाएगी।
जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ आने वाले पर्यटकों के लिए 1090 चौराहे से रेजीडेंसी तक डबलडेकर बस सेवा शुरू की जाएगी। इस “लखनऊ दर्शन” बस सेवा का शुभारम्भ छह जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 10:30 बजे किया जाएगा। इसमें सामान्य पर्यटकों को किफायती दरों पर टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य लखनऊ को एक नए पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है।
पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगरा और काशी की तरह लखनऊ को भी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए ठोस परियोजना तैयार की जाए। उन्होंने निर्माणाधीन संग्रहालयों, स्मारकों और सांस्कृतिक केंद्रों के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम पंचायतों को वितरित किए जाने वाले वाद्ययंत्रों की खरीद में गुणवत्ता, पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय की बिंदुवार समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी और देरी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। अधिकारियों को समस्याएं उलझाने के बजाय सुलझाने की मानसिकता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में हरदोई, एटा, अलीगढ़, चित्रकूट, पीलीभीत, फिरोजाबाद, मैनपुरी सहित विभिन्न जनपदों के रामलीला मैदानों के सौंदर्यीकरण, रायबरेली, बदायूं, कन्नौज, चित्रकूट और लखनऊ में निर्माणाधीन सांस्कृतिक केंद्रों, संग्रहालयों, शिलालेखन, वे-साइड एमेनिटीज, प्रचार-प्रसार और एमओयू से जुड़ी परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

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