यूपी पुलिस का दावा: महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम में ऐतिहासिक सुधार
लखनऊ 31 दिसम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर अहम आंकड़े साझा किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी पुलिस अपराध, अपराधी और संगठित अपराध के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति पर लगातार काम कर रही है, जिसका असर ज़मीन पर साफ दिख रहा है।बुधवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डीजीपी ने बताया कि यूपी पुलिस हर साल औसतन करीब 7 लाख अपराधियों की गिरफ्तारी कर रही है। सही अधिकारियों की सही जगह तैनाती, टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल और सख्त मॉनिटरिंग से पुलिसिंग पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी हुई है।
उन्होंने बताया कि इस साल 48 अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए, जो बीते वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा हैं। जुलाई 2023 से अब तक 1 लाख 25 हजार 985 अपराधियों को दोषसिद्ध कराया गया है। इनमें 79 अपराधियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है।
डीजीपी के अनुसार, 2017 की तुलना में बलात्कार की घटनाओं में 53 फीसदी कमी आई है। वहीं डकैती में 91 फीसदी की कमी, अपहरण में 17 फीसदी की कमी आई है। साइबर अपराध को लेकर डीजीपी ने बताया कि इस साल 77,622 फर्जी मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए। वहीं 17 हजार से ज्यादा मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक कराए गए। इसके अलावा 331 आरोपियों को एएनटीएफ ने गिरफ्तार किया जबकि 325 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की रकम फ्रीज कराई गई, जो कुल ठगी गई रकम का करीब 25 फीसदी है (पिछले साल यह आंकड़ा 11 फीसदी था)। इसके साथ ही 18 हजार पुलिसकर्मियों को साइबर क्राइम से निपटने की ट्रेनिंग दी गई है। एसटीएफ ने बरेली में अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई भी की है।
डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने ‘यक्ष ऐप’ का उद्घाटन किया है। इस ऐप से अब हर बीट सिपाही को अपने इलाके के अपराधियों की पूरी जानकारी एक क्लिक में मिल सकेगी, जिससे अपराध पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने बताया कि पुलिस की नई रणनीति से बीते दो महीनों में सड़क हादसों में 11.7 फीसदी की कमी व सड़क हादसों में मौतों में 6.08 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है वहीं, जनवरी 2023 से लागू मेटा अलर्ट सिस्टम के जरिए 1,779 लोगों को आत्महत्या से बचाया गया।
महिला सुरक्षा को लेकर डीजीपी ने कहा कि मिशन शक्ति के तहत हर थाने पर 24 घंटे मिशन शक्ति केंद्र बनाए गए हैं। यहां काउंसिलिंग, फीडबैक और जागरूकता का काम हो रहा है। इस साल डेढ़ लाख से ज्यादा चौपालें लगाई गईं।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि यूपी पुलिस आगे भी तकनीक, प्रशिक्षण और सख्त कार्रवाई के जरिए अपराधियों पर नकेल कसती रहेगी और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।
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