स्टार्टअप केंद्र बनता उत्तर प्रदेश, 20 हजार से ज्यादा इकाइयों को मिली पहचान


लखनऊ, 11 मार्च (वार्ता ) उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि प्रदेश में 20 हजार से अधिक इकाइयां “स्टार्टअप इंडिया” के तहत मान्यता प्राप्त कर चुकी हैं, जो तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को दर्शाती हैं। इससे युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

प्रदेश सरकार की ‘स्टार्ट इन यूपी’ पहल के तहत भी स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 3000 से अधिक स्टार्टअप्स को इस पहल के तहत मान्यता मिल चुकी है।
राज्य की स्टार्टअप नीति और प्रोत्साहन योजनाओं ने स्थानीय स्तर पर नवाचार को मजबूत आधार दिया है। इन पहलों के माध्यम से युवाओं को अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में इन्क्यूबेशन नेटवर्क भी अहम भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 76 मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर कार्यरत हैं, जो नए उद्यमियों को मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और जरूरी संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। ये इन्क्यूबेटर विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और निजी संगठनों के सहयोग से स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से ही सही दिशा देने का काम कर रहे हैं।
इसके अलावा उन्नत तकनीक और अनुसंधान आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भी मंजूरी दी गई है। इन केंद्रों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, एग्रीटेक जैसे उभरते क्षेत्रों में शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संस्थागत ढांचे से प्रदेश में टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है।
वित्तीय सहायता के क्षेत्र में भी सरकार की पहल अहम मानी जा रही है। प्रदेश में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए अब तक 146 करोड़ रुपये के इंसेंटिव स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 58 करोड़ रुपये की राशि स्टार्टअप्स को वितरित भी की जा चुकी है। यह सहयोग स्टार्टअप्स को अपने उत्पाद और सेवाओं के विकास, बाजार विस्तार और तकनीकी उन्नयन में मदद कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार मजबूत नीतिगत ढांचा, संस्थागत समर्थन और वित्तीय प्रोत्साहन किसी भी राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उत्तर प्रदेश में इन सभी क्षेत्रों में समानांतर रूप से काम किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है और नवाचार को नई दिशा मिल रही है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

खुशहाली की राहें

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना