मुर्मु विक्रमी संवत 2083 के प्रथम दिन अयोध्या में करेंगी रामलला के दर्शन
अयोध्या 18 मार्च (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विक्रमी संवत 2083 के प्रथम दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामलला का दर्शन तथा पूजा-अर्चना करेगी।प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीमती मुर्मु श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में स्थित सभी मंदिरों में पूजा-अर्चना करेगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र एवं जिला प्रशासन ने उनके स्वागत की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम है, बड़े वाहनों को आज से अयोध्या प्रवेश पर रोक लगाकर उनके रूट को डायवर्ट कर दिया गया है। अधिकांश वाहनों को पूर्वांचल एक्सप्रेस से आवागमन के लिए डायवर्ट कर दिया गया है।
राष्ट्रपति विशेष विमान से अयोध्या के महर्षि बाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर गुरुवार को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर पहुंचेगी। हवाई अड्डा पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कैबिनेट सहयोगी मंत्रियों के साथ राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे। अयोध्या हवाई अड्डा से श्रीमती मुर्मु का काफिला सड़क मार्ग से राममंदिर के लिए प्रस्थान करेगा। अयोध्या प्रयागराज मार्ग एवं अयोध्या मंदिर मार्ग के साथ साथ राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर प्रातः 9 भेजे साथ लेकर राष्ट्रपति के राममंदिर पहुंचने तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों का आवागमन सामान्य दिनो जैसा जारी रहेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला 10 बजकर 50 मिनट पर मंदिर परिसर पहुंचेगा। जहां वह विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगी।
राममंदिर में सीढ़ियों की मदद से श्रीमती मुर्मु लिफ्ट तक पहुंच कर वहां से लिफ्ट की मदद से मंदिर के द्वितीय तल पर जाकर पूजा-अर्चना कर श्री राम यंत्र की स्थापना करेगी। रामलला का दर्शन कर आरती पूजन भी करेगी और रामदरबार में भी पूजन करेगी। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में ग्रीन हाउस के पास बने पंडाल में अपने विचारों को साझा करेगी और राम मंदिर निर्माण से जुड़े 2000 श्रमिकों को सम्मानित भी करेगी।

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