नैनी के मध्य स्थित ऐतिहासिक यमुना पुल ( पुल संख्या 30 ) के शोर स्पैन का नवीनीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण
प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) उत्तर मध्य रेलवे द्वारा आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और रेल संरक्षा की दिशा में एक और मील का पत्थर स्थापित किया गया है। प्रयागराज और नैनी स्टेशनों के मध्य स्थित ऐतिहासिक यमुना पुल ;पुल संख्या ( 30 ) की अप एवं डाउन लाइनों के शोर स्पैन को नए स्टील गर्डर से बदलने का कार्य आज सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
अदिकरिक सूत्रों ने बताया कि यह पुल भारतीय रेल नेटवर्क का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है , जो प्रयागराज को कोलकाता , चेन्नई और मुंबई जैसे देश के प्रमुख महानगरों से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी के रूप में कार्य करता है।
इस पुल का उद्घाटन 15 अगस्त 1865 को किया गया था । वर्ष 1911 में हुए दोहरीकरण के बाद से निरंतर सेवा दे रहे इस पुल की सुरक्षा और निर्बाध परिचालन को सुनिश्चित करने के लिएए रेलवे द्वारा इसके पुराने शोर स्पैन 15 मीटर को नए स्टील गर्डर से बदलने की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
उन्होंने बताया कि यह अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवेए नरेश पाल सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के सक्षम नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस जटिल इंजीनियरिंग कार्य के निष्पादन में उप मुख्य ब्रिज लाइन इंजीनियर आई पी यस यादव एवं उनकी समर्पित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही मंडल के इंजीनियरिंग विभाग परिचालन विभाग और बिजली विभाग के आपसी समन्वय और सहयोग से इस कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
उन्होंने बताया कि डाउन लाइन द्वितीय शोर स्पैन की लॉन्चिंग का कार्य 28 मार्च 2026 को संपन्न हुआ। इस नवीनीकरण से इस व्यस्त रेल खंड पर भविष्य में ट्रेनों का परिचालन और अधिक सुरक्षित एवं तीव्र हो सकेगा।
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