’प्रयागराज _ कानपुर सेक्शन में कवच लागू’


प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी ) उत्तर मध्य रेलवे ने रविवार को प्रयागराज- कानपुर सेक्शन (190 रूट किलोमीटर) पर कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू कर दिया है।

  अदिकरिक सूत्री ने बताया कि  कवच प्रणाली को औपचारिक तौर पर गाड़ी संख्या 14163 के माध्यम से लागू किया गया। आज इस ट्रेन के लोकोमोटिव में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक  एन पी सिंह ने कवच प्रणाली के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए ट्रेन संख्या 14163 में सवार होकर सूबेदारगंज से मनौरी स्टेशन तक निरीक्षण भी किया।

    उन्होंने बताया कि पहले चरण में कवच को इस मार्ग पर संचालित हो रही आठ जोड़ी ट्रेनों गाड़ी संख्या 14113 , 14114  ,14163  ,14164 , 12307 , 12308 , 12417 , 12418 , 22437 , 22438 , 15003 , 15004. , 20433 , 20434 और 12403. ,12404 पर लागू किया जाएगा। इसके अलावा अन्य  ट्रेनों और वंदे भारत  ट्रेनों को भी धीरे.धीरे इसमें शामिल किया जाएगा।

यह शुरुआत भारतीय रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण सेक्शनों में से एक पर 160 किमी की गति से ट्रेन चलाने रेलवे सुरक्षा को बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

      उन्होंने बताया कि कवच सिस्टम ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन , खतरे के सिग्नल को पार करने से बचाव , इंसानी गलती होने पर अपने.आप ब्रेक लगना , आदि विशेषताओं के कारण  रेलवे संरक्षा को काफ़ी बेहतर बनाता है।

       कवच   "मेड इन इंडिया " पहल के तहत देश में ही बनाया गया एक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है। इसे भारतीय रेलवे में धीरे.धीरे लगाया जा रहा है , ताकि सुरक्षा को मज़बूत किया जा सके और ट्रेनों के संचालन को आधुनिक बनाया जा सके।

      उत्तर मध्य रेलवे आधुनिक संरक्षा तकनीकों को अपनाने और भारतीय रेलवे के सुरक्षा ढाँचे को मज़बूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसका मकसद यात्रियों के लिए ट्रेनों का संचालन ज़्यादा सुरक्षित , भरोसेमंद और कुशल बनाना है।

अगले चरण में ' मिशन रफ़्तार " के लक्ष्यों में से एक के तौर पर , गाज़ियाबाद.टुंडला सेक्शन में कवच सिस्टम लगाया जाएगा ताकि ट्रेनों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलाया जा सके।

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