अभिषेक सिंघवी सहित कई नेता राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित
नयी दिल्ली 09 मार्च (वार्ता) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मशहूर अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी सहित कई नेता सोमवार को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए।प्राप्त जानकारी के अनुसार तेलंगाना में कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक सिंघवी और वी. नरेंद्र रेड्डी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए। वहीं, तमिलनाडु से द्रविड़ मुन्नेष कषगम (द्रमुक) के तिरुचि शिवा और जे. कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन, अन्ना द्रमुक के एम. थंबी दुरई, पीएमके के अंबुमणि रामदास, कांग्रेस के क्रिस्टोफर मणिकम और देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कषगम (डीएमडीके) के एलके सुधीश राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। नाम वापस लिए जाने की अवधि समाप्त होने के बाद तमिलनाडु के निर्वाचन अधिकारी आर. शांति ने उन्हें निर्वाचित घोषित किया और प्रत्येक को प्रमाण पत्र सौंपे।
वहीं, छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस नेता फुलो देवा नेताम राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुई हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लक्ष्मी वर्मा को बधाई देते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "भाजपा की नेत्री एवं महिला आयोग की पूर्व सदस्य लक्ष्मी वर्मा जी को छत्तीसगढ़ से निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई एवं सफल कार्यकाल की अनंत शुभकामनाएं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि वे छत्तीसगढ़ की सशक्त आवाज बनकर प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दों को पूरी प्रतिबद्धता और मुखरता के साथ संसद के उच्च सदन में रखेंगी। उनका समृद्ध अनुभव और नेतृत्व क्षमता विकसि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा के लिए चुने जाने पर बधाई दी और भरोसा जताया कि वह संसद के उच्च सदन में छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगी।" इसी तरह से हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस के अनुराग शर्मा निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए हैं।
देश के 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है और नाम वापस लेने की अंतिम तिथि सोमवार (9 मार्च) है। राज्यसभा की कुल कुल 73 सीटों में से 26 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है, लेकिन तीन राज्यों की 11 सीटों के लिए सियासी घमासान है। जिन राज्यों में राज्यसभा का चुनाव होने वाला है, उनमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा शामिल हैं। हरियाणा, ओडिशा और बिहार में निर्धारित सीटों से ज्यादा उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं, इसलिए अगर आज कोई उम्मीदवार अपना नाम वापस नहीं लेता है तो 16 मार्च को कड़ा चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा।

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