बालेंद्र शाह : नेपाल में बदलाव की नैया कितनी पार लगा सकेंगे


नयी दिल्ली, 29 मार्च (वार्ता) नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में सिंह दरबार में बालेंद्र 'बालेन' शाह का आगमन महज सत्ता परिवर्तन नहीं है। केवल 35 वर्ष की आयु में वह नेपाल के इतिहास के सबसे युवा प्रधानमंत्री और देश के सर्वोच्च पद पर बैठने वाले मधेशी समुदाय के पहले व्यक्ति हैं। यह लंबे समय से पुराने चेहरों के दबदबे वाली राजनीतिक व्यवस्था में एक बड़े सामाजिक और पीढ़ीगत बदलाव का प्रतीक है।

एक रैपर और स्ट्रक्चरल इंजीनियर श्री शाह ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार, काठमांडू का महापौर चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया था। अब मार्च 2026 के चुनावों के बाद संसद में करीब दो-तिहाई बहुमत का नेतृत्व कर रहे हैं।
वर्ष 2025 के 'जेन-जी' नेतृत्व वाले जन-आंदोलन के बाद मिला यह जनादेश जवाबदेही, गरिमा और आर्थिक अवसरों के लिए जनता की गहरी तड़प को दर्शाता है। यह उस नेता पर भारी जिम्मेदारी भी डालता है जिसका राजनीतिक सफर रातों-रात विद्रोह से जिम्मेदारी की ओर मुड़ गया है।
श्री शाह ने पद संभालते ही पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के साथ अपने कड़े तेवर स्पष्ट कर दिये। श्री ओली पर पिछले साल प्रदर्शनकारियों के दमन के दौरान लापरवाही और अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप है। एक ऐसे देश में जहां वरिष्ठ नेताओं को हमेशा संरक्षण मिलता रहा है, यह कदम अभूतपूर्व था। यह श्री शाह के समर्थकों के लिए भ्रष्टाचार और मनमानी के अंत की घोषणा थी, जबकि आलोचकों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित बताया।
श्री शाह के लिए चुनौती यह है कि वह इस जवाबदेही को पारदर्शी और कानूनी रूप से ठोस बनायें, ताकि यह केवल चुनिंदा कार्रवाई न लगे। यदि इसमें चूक हुई तो व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के बजाय राजनीतिक ध्रुवीकरण और गहरा सकता है।
प्रतीकवाद से इतर श्री शाह को भारी जन-अपेक्षाओं वाला राज्य विरासत में मिला है। सन 1990 के बाद से नेपाल ने तीन दर्जन से अधिक अल्पकालिक सरकारें देखी हैं। श्री शाह की शानदार जीत ने नेपालियों को विश्वास दिलाया है कि निर्णायक बदलाव अब संभव है। नागरिक अब बेहतर शासन और सेवाओं में सुधार चाहते हैं।
श्री शाह को हालांकि उसी नौकरशाही के साथ काम करना है, जिसने अतीत में सुधारों को बाधित किया है। खतरा केवल नीतिगत विफलता का नहीं है, बल्कि उस गति का है, जिससे परिणाम न मिलने पर जनता की उम्मीदें निराशा में बदल सकती हैं।
श्री शाह की अपनी राजनीतिक शैली भी चुनौतीपूर्ण है। महापौर के रूप में उनकी छवि आक्रामक 'आउटसाइडर' की रही है- अवैध निर्माण ढहाना और सोशल मीडिया के जरिये सीधे जनता से जुड़ना। युवा उनकी प्रशंसा करते हैं, लेकिन आलोचक उन्हें टकराववादी मानते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर शासन के लिए विमर्श और संवैधानिक मर्यादाओं की आवश्यकता होती है। महापौर से राष्ट्रीय नेता बनने का यह सफर उनके धैर्य और संस्थागत अनुशासन की परीक्षा लेगा।
आर्थिक पुनरुद्धार सबसे कठिन परीक्षा साबित हो सकती है। नेपाल की अर्थव्यवस्था अब भी प्रवासियों के भेजे धन और विदेशी सहायता पर टिकी है। जिस आर्थिक हताशा ने शाह को सत्ता तक पहुंचाया है, उसका समाधान अनिवार्य है। रोजगार सृजन और निवेश आकर्षित करना ही तय करेगा कि उनकी सरकार लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार ला पाती है या नहीं।
संघवाद एक और ढांचागत चुनौती है। नेपाल की संघीय प्रणाली केंद्र और प्रांतों के बीच तनाव से जूझ रही है। विडंबना यह है कि महापौर रहते श्री शाह खुद केंद्र सरकार से टकराते रहे हैं, लेकिन अब प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें स्थानीय सरकारों को सशक्त बनाना होगा और संसाधनों का उचित वितरण सुनिश्चित करना होगा।
विदेश मोर्चे पर श्री शाह को भारत-चीन के बीच संतुलन बनाना होगा। भारत ने उनका स्वागत किया है, जबकि चीन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कारण महत्वपूर्ण साझेदार बना हुआ है। श्री शाह की राष्ट्रवादी छवि घर में लोकप्रिय है, लेकिन कूटनीति में संतुलन और स्थिरता की आवश्यकता होती है। किसी भी एक ओर झुकाव नेपाल के लिए आर्थिक और रणनीतिक जोखिम पैदा कर सकता है।
अंततः श्री शाह की सबसे बड़ी चुनौती एक 'आंदोलन' को एक 'शासकीय संस्था' में बदलने की है। उनकी पार्टी नयी है और सांसद अनुभवहीन हैं, जिससे आंतरिक एकजुटता बनाए रखना कठिन होगा। एक सक्षम कैबिनेट और तकनीकी विशेषज्ञों पर निर्भरता ही तय करेगी कि उनका कार्यकाल ऐतिहासिक बदलाव लायेगा या केवल राजनीति की एक और छोटी कड़ी बनकर रह जाएगा।
श्री शाह के पास युवा शक्ति, बहुमत और नैतिक बल है। पूर्व प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी ने संकेत दिया है कि नियम बदल रहे हैं। लेकिन इतिहास उन्हें इस आधार पर परखेगा कि क्या वह एक नया, निष्पक्ष और स्थिर तंत्र बना पाते हैं, जो बिना किसी भ्रम के उम्मीदें पूरी कर सके। यदि वह सफल होते हैं, तो बालेन शाह एक पूरी पीढ़ी के लिए नेपाली राजनीति को पुनर्परिभाषित कर सकते हैं।

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