मोहब्बत के इफ्तार" में मिटा भेदभाव


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) संगम नगरी प्रयागराज में आपसी सौहार्द और भाईचारे की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। 

    कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला के नेतृत्व में आयोजित एक इफ्तार पार्टी में न केवल गंगा.जमुनी तहजीब की झलक दिखी।  यह आयोजन राजनीतिक और सामाजिक संदेश का केंद्र भी बन गया।

      इस इफ्तार की सबसे खास बात यहाँ मौजूद राहुल गांधी की एक बड़ी तस्वीर रही। इस तस्वीर पर विशेष रूप से लिखा था

" मोहब्बत का इफ्तार" नो हिंदू मुसलमान,आयोजन के दौरान रोज़ेदारों ने राहुल गांधी की इसी तस्वीर के सामने बैठकर अपना रोज़ा खोला। यह संदेश सीधे तौर पर नफरत को खत्म करने और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की विचारधारा को समर्पित था।

  इस अवसर पर  कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला ने कहा,आज देश को जोड़ने वाली राजनीति की जरूरत है। राहुल गांधी  की 'मोहब्बत की दुकान' के विचार को आगे बढ़ाते हुए  इस "मोहब्बत के इफ्तार" का आयोजन किया है। यहाँ कोई हिंदू या मुसलमान नहीं है। यहाँ सब इंसान हैं और भारत की साझा संस्कृति का हिस्सा हैं। एक ही दस्तरख्वान पर बैठकर फल और पकवान साझा किए। 

    उन्होंने कहा कि हिंदू.मुस्लिम एकता का यह दृश्य प्रयागराज की उस पुरानी संस्कृति को जीवंत कर गया,  जहाँ त्योहार मजहब देखकर नहीं, बल्कि दिल से मनाए जाते हैं। रोज़ा खोलने वाले शालिनी गुप्ता , मीना सिंह , शैल गुप्ता , अशफिया परवीन , रोहित वर्मा , विक्रम साहू , मोहम्मद सुहैल ,मोहम्मद शादाब , आकिब कमल आदि रहे।

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