कतर, कुवैत और ओमान के शासकों से पश्चिम एशिया की स्थिति पर की बात मोदी ने


नयी दिल्ली 03 फरवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष के कारण उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति के बीच मंगलवार को कतर, कुवैत और ओमान के शासकों के साथ टेलिफोन पर बात की तथा भारत की ओर से एकजुटता व्यक्त की। टेलिफोन पर बातचीत के बाद श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत इन देशों पर हमलों की निंदा करता है और इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है । उन्होंने वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और उन्हें सहयोग देने के लिए भी तीनों देशों के नेतृत्व की सराहना की।

कतर के अमीर से बात करने के बाद उन्होंने कहा ," मैंने अपने भाई, कतर के अमीर शेख तमिम बिन हमाद अल थानी से बातचीत की। हम कतर के साथ दृढ़ एकजुटता में खड़े हैं और उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हैं। हमने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। मैंने इस चुनौतीपूर्ण समय में कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रति उनके निरंतर सहयोग के लिए अपनी सराहना भी व्यक्त की।"
कुवैत के शहजादे से बातचीत के बाद उन्होंने कहा ," मैंने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमाद अल-मुबरक अल-सबाह के साथ सार्थक टेलीफोन वार्ता की। भारत कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन की निंदा करता है और इस कठिन समय में उसके लोगों के साथ खड़ा है। हमने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में संवाद और कूटनीति के महत्व पर बल दिया। कुवैती नेतृत्व द्वारा कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सहयोग की सराहना भी की।"
ओमान के सुल्तान से बातचीत के बाद श्री मोदी ने कहा , " मैंने सुल्तान हाइथम बिन तारिक के साथ बातचीत की और पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं पर विचार साझा किए। हमने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन की निंदा की। हम दोनों इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र पुनर्स्थापना के लिए निरंतर कूटनीतिक संलग्नता आवश्यक है। ओमान द्वारा भारतीय समुदाय के प्रति निरंतर सहयोग की गहरी सराहना व्यक्त की।"
उल्लेखनीय है कि ईरान के खिलाफ पिछले तीनों दिन से जारी अमेरिका तथा इजरायल की सैन्य कार्रवाई और ईरानी की जवाबी कार्रवाई के कारण पश्चिम एशिया में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। दोनों ओर से किये जा रहे हमलों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से बातचीत और कूटनीति से समस्या का जल्द समाधान करने का आग्रह किया है।

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