विधान सभा चुनावों के दूसरे चरण की प्रक्रिया देखेंगे 17 देशों के प्रतिनिध, आयोग ने की तैयारी


नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (वार्ता) चुनाव आयोग (ईसीआई) ने इस समय जारी विधान सभा चुनाव के दूसरे चरण में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अंतर्राष्ट्रीय आगंतुकों को चुनाव प्रक्रिया दिखाने के कार्यक्रम का आयोजन किया है जिसमें 17 देशों के 34 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

आयोग ने पहले चरण में नाै अप्रैल को हुए चुनाव के लिए भी इसी तरह का अंतर्राष्ट्रीय चुनाव अतिथि कार्यक्रम आयोजित किया था।
आयोग की मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को इस कार्यक्रम के दूसरे चरण का राजधानी के इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (3आईडेम) में संस्थान में उद्घाटन किया।
दूसरे चरण में शामिल प्रतिनिधियों में कुछ देशों के दिल्ली स्थित राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधि और 'इंटरनेशनल आइडिया ' के एक प्रतिनिधि शामिल हैं। ये प्रतिभागी 22 अप्रैल से 23 अप्रैल तक तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। कार्यक्रम के पहले चरण में विदेशी प्रतिनिधियों ने 8 अप्रैल से 9 अप्रैल तक असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा किया था।
दौरे से पहले आज 3आईडेम में प्रतिनिधियों को ईवीएमका प्रदर्शन दिखाया गया। इसके साथ ही, मतदान प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने के लिए उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का उपयोग करते हुए एक 'मॉक पोल' (अभ्यासी मतदान) में भी हिस्सा लिया।
प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रक्रिया में अपनाए गए तकनीकी नवाचारों और प्रशासनिक सुरक्षा उपायों में गहरी रुचि दिखाई। प्रतिनिधियों ने विशेषज्ञों के साथ एक संवादात्मक सत्र में भाग लिया, जिसमें उन्होंने अपनी शंकाओं और प्रश्नों का समाधान प्राप्त किया।
ये प्रतिनिधि बुधवार को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के लिए रवाना होंगे। वे चुनाव सामग्री के प्रेषण और वितरण केंद्रों, तथा अन्य सुविधाओं—जिनमें जिला नियंत्रण कक्ष और मीडिया निगरानी केंद्र शामिल हैं,का दौरा करेंगे। इसके अतिरिक्त, 23 अप्रैल की सुबह वे वास्तविक मतदान प्रक्रिया का भी अवलोकन करेंगे।
दूसरे देशों के चुनाव निकायों के प्रतिनिधियों को भारत की चुनाव व्यवस्था से साक्षात परिचय कराना चुनाव आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य अन्य देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और जुड़ाव को बढ़ावा देना है।

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