महिलाओं ने फूंका 33 फीसदी आरक्षण करने वालों का पुतला
प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी) नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को पारित न किए जाने वालो के विरोध में महिला एवं विकास समिति ने आक्रोश रैलीनिकली और उनके पुतले फूंके ।
सिविल लाइन्स स्थित धरना चौराहा पर शुक्रवार को रैली को संबोधित करते हुए संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम संत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान राम की भूमिका में , गृह मंत्री अमित शाह को लक्ष्मण तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भरत की भूमिका में बताया और विपक्ष के नेताओ राहुल गांधी , अखिलेश यादव , ममता बैनर्जी , एम के स्टालिन, शरद पवार एवं अन्य विपक्षी दलों को रावण की भूमिका में दर्शाते हुए सुभाष चौराहे पर उनका पुतला दहन भी किया गया।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को विफल करने के लिए एड़ी.चोटी का जोर लगाया और साजिश के तहत इस महत्वपूर्ण कानून को रोकने का प्रयास किया , वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इसका खामियाजा विपक्षी दलों को आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा चाहे वह पश्चिम बंगाल हो या तमिलनाडु।
राष्ट्रीय अध्य्क्ष ने कहा जब नारी का सम्मान नहीं होगा , तो उनका भी कहीं नाम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में 33 फीसदी आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
संस्था की राष्ट्रीय संयोजिका इसबिल ब्रांडेश ने महिला आरक्षण बिल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी सुनिश्चित करता है और समाज में उनकी भूमिका को और सशक्त बनाता है। उन्होंने विपक्ष की नारी विरोधी सोच की कड़ी निंदा की।
कार्यक्रम संयोजक अनुराग संत रहेए जिन्होंने अपने संबोधन में महिला आरक्षण बिल की आवश्यकता और उसके महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को नेतृत्व और नीति.निर्माण में सशक्त भागीदारी प्रदान करेगा तथा समाज में समानता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महिला एवं विकास समिति के तत्वावधान में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को पारित न किए जाने के विरोध में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। रैली की शुरुआत धरना चौराहा से होकर सुभाष चौराहा सिविल लाइंस प्रयागराज तक की गई जिसमें बड़ी संख्या में संस्था के पदाधिकारीए सखियाँ , मातृशक्ति एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
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