6.38 लाख घरों में दस्तक देगी स्वास्थ्य टीम, ढूंढे जाएंगे संचारी रोगों के मरीज


गोरखपुर। जिले में शुक्रवार से दस्तक अभियान की शुरुआत हो गयी। इसके तहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की स्वास्थ्य टीम जिले के 6.38 लाख घरों पर दस्तक देगी और संचारी रोगों के मरीजों को ढूंढेगी। विधायक श्रवण निषाद और सीएमओ डॉ राजेश झा ने चौरीचौरा सीएचसी से जिला स्तरीय अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान विधायक ने आशा कार्यकर्ताओं की जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखायी। बीपीएचयू का उद्घाटन किया और सीएचसी की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने टीबी मुक्त भारत कार्यक्रम में योगदान देने वाले तीन ग्राम प्रधानों को सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में विधायक श्रवण निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य क्रांति हुई है। इसी कड़ी में आधुनिक सुविधाओं वाले बीपीएचयू का शुभारंभ चौरीचौरा में भी हुआ है जहां विभिन्न प्रकार की जांचों की सुविधा उपलब्ध हो गयी है। उन्होंने कहा कि दस्तक अभियान के दौरान 4103 टीम जिले भर में गृह भ्रमण करेगी। इस दौरान मरीज ढूंढे जाएंगे और लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। इस अभियान के कारण इंसेफेलाइटिस जैसी महामारी नियंत्रित हुई है।

सीएमओ डॉ झा ने बताया कि बीपीएचयू से करीब सत्तर से अधिक पैथालॉजिकल जांचें हो सकेंगी और हार्मोनल जांचों का सैम्पल ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। चौरीचौरा सीएचसी पर पचास बेड का अस्पताल भी सक्रिय हो गया है, जहां प्रसव के साथ-साथ अल्ट्रासाउंड, नेत्र जांच और दंत जांच व इलाज की सुविधा भी उपलब्ध है। अभियान के बारे में डॉ झा ने बताया कि तीस अप्रैल तक चलने वाले दस्तक अभियान के दौरान तेज बुखार, टीबी व फाइलेरिया के संभावित मरीजों के साथ कुपोषित बच्चे भी ढूंढे जाएंगे। साथ ही उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों पर इलाज के लिए रेफर किया जाएगा।

इस दौरान जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि दस्तक अभियान में मच्छरजनित रोगों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा और मच्छरों के लार्वा के स्रोतों को नष्ट किया जाएगा। हीट रिलेटेड इलनेस के बारे में लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ स्वास्थ्य टीम आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी भी बनाएंगी। लोगों को एम्बुलेंस सुविधा और नजदीकी मिनी पीकू और जांच की सुविधा के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ टीकाकरण

सीएमओ ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण की सुविधा बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भी शुरू हो गयी है। प्रधानाचार्य डॉ राम कुमार जायसवाल की देखरेख में 14 से 15 आयु वर्ग की बच्चियों को स्लॉट बुक कर अब वहां भी टीके लगवाए जा सकते हैं। इससे पहले जिला महिला अस्पताल और एम्स गोरखपुर में एचपीवी टीकाकरण की शुरुआत कर दी गयी थी।

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