ग्यारह विभाग साथ मिल कर संचारी रोगों पर करेंगे नियंत्रण, एक माह के लिए अभियान का हुआ आगाज


गोरखपुर। जिले में ग्यारह विभाग मिल कर संचारी रोगों पर नियंत्रण करेंगे। इसके लिए एक माह तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का बुधवार से आगाज हो गया। महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव और जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जिलाधिकारी कार्यालय से जनजागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। ये वाहन लोगों को संचारी रोगों से बचाव और उनकी रोकथाम के बारे में जागरूक करेंगे। इसी माह दस अप्रैल से तीस अप्रैल तक जिले में दस्तक अभियान भी चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक करेंगे और लक्षणयुक्त लोगों को सूचीबद्ध कर उनका उपचार करवाने में मदद करेंगे।

अभियान का शुभारंभ करते हुए महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार की पहल से शुरू हुए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान के कारण ही पूर्वी उत्तर में इंसेफेलाइटिस के मामलों में कमी संभव हो सकी है। मलेरिया, डेंगू व टीबी आदि संचारी रोगों के उन्मूलन के लिए इस अभियान का निरंतर चलाया जाना जरूरी है। इस बार के अभियान के जरिए हीट रिलेटेड इलनेस के प्रति जनजागरूकता भी प्राथमिकता में है। समय रहते लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक कर देने से उनका जटिलताओं से बचाव होता है।

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास विभाग, पंचायीत राज विभाग व ग्राम विकास विभाग, पशुपालन विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, शिक्षा विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग, सूचना विभाग और उद्यान विभाग साथ मिल कर काम करेंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इस अभियान में नोडल की भूमिका में रहता है। दस्तक अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर गतिविधियां करेंगे। इस दौरान लोगों की आभा आईडी भी बनाई जाएगी।

सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि बीते वर्षों में अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2020 के बाद से जिले में जापानीज इंसेफेलाइटिस (जेई) के कारण एक भी मृत्यु नहीं हुई है। इस साल अभी तक जेई के शून्य मामले सामने आए हैं, वहीं एईएस का एक मामला सामने आया है। एईएस के कारण पिछले साल एक भी मृत्यु नहीं हुई है। अभियान के जरिये लोगों तक हम यह संदेश पहुंचाने का प्रयास करते हैं कि किसी भी प्रकार का तेज बुखार हो तो 108 नंबर एम्बुलेंस की मदद से तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाना चाहिए। शीघ्र उपचार से जटिल बुखार के मामलों में त्वरित लाभ मिलता है।

सीएमओ ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग मच्छरों के घनत्व का पता लगाएगा। इसके आधार पर नगर विकास विभाग और पंचायती राज विभाग मच्छर नियंत्रण की गतिविधियां संपादित करेंगे। साथ ही स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। आईसीडीएस विभाग कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उपचार कराएगा। कृषि विभाग कृतक नियंत्रण गतिविधियां करेगा। इसी प्रकार अन्य सभी विभाग माइक्रोप्लान के अनुसार अपनी गतिविधियां सम्पादित कर संचारी रोगों के नियंत्रण में योगदान देंगे। लोगों को हीट वेव के कारण होने वाली बीमारियों और त्वरित हस्तक्षेप के बारे में खासतौर से जागरूक किया जाएगा।


अभियान के उद्धाटन के दौरान लोगों को संचारी रोगों से बचाव में योगदान की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद अजय राय, एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी, एसीएमओ डॉ वीपी पांडेय, डीपीओ डॉ अभिनव मिश्रा , जिला पंचायती राज अधिकारी नीलेश प्रताप सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, एएमओ प्रभात रंजन सिंह, डीडीएचईआईओ सुनीता पटेल, जेई-एईएस कंसल्टेंट डॉ सिद्धेश्वरी सिंह, मलेरिया इंस्पेक्टर्स, सहयोगी संस्था यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ सहित स्वास्थ्य विभाग व अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।

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