अपाचे लड़ाकू हलीकॉप्टर ने पहली फील्ड फायरिंग रेंज में लक्ष्यों पर सफलतापूर्वक साधा निशाना
नयी दिल्ली 10 अप्रैल (वार्ता) सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी के स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में उड़ान भरने के एक दिन बाद अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर एएच-64 ने शुक्रवार को राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अपनी पहली फील्ड फायरिंग की।संचालनात्मक प्रदर्शन के दौरान, इस स्वदेशी हेलीकॉप्टर ने हेलफायर मिसाइलों और अन्य हथियारों के माध्यम से लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा।
इससे पहले जनरल द्विवेदी ने बेंगलुरू में प्रचंड हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी थी।
सेना के प्रवक्ता द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह कदम जमीनी अभियानों के लिए नजदीकी हवाई समर्थन को मजबूत करने पर भारतीय सेना के फोकस को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया था, जो आधुनिक युद्ध में एक महत्वपूर्ण तत्व है।
इन गतिविधियों ने यह दिखाया है कि लड़ाकू हेलीकॉप्टर किस प्रकार जमीनी सैनिकों के साथ निकट समन्वय में कार्य कर सकते हैं, यहां तक कि छोटे हथियारों की गोलीबारी, कंधे से दागी जाने वाली मिसाइलों और ड्रोन जैसे उच्च खतरे वाले वातावरण में भी। इन प्लेटफॉर्मों ने लक्ष्य पहचान और सटीक प्रहार क्षमता का प्रदर्शन किया, जो सीधे युद्धक्षेत्र में संचालन का समर्थन करता है।
उन्नत सेंसर, फायर कंट्रोल सिस्टम और रियल-टाइम डेटा लिंक ने तेज निर्णय लेने और तत्काल कार्रवाई को संभव बनाया, जिससे युद्धक्षेत्र की खुफिया जानकारी को शीघ्र ही प्रभावी हमलों में बदला जा सका।
अपाचे ने जमीनी बलों की पहुंच, मारक क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया को बढ़ाकर 'फोर्स मल्टीप्लायर' के रूप में अपनी भूमिका को रेखांकित किया, जबकि 'प्रचंड' ने लड़ाकू विमानन में भारत की बढ़ती स्वदेशी क्षमता को दर्शाया।
प्रवक्ता ने बताया कि ये प्रदर्शन युद्धक्षेत्र की प्रभावशीलता बढ़ाने और संचालन की गति बनाए रखने के लिए हवाई और जमीनी क्षमताओं के एकीकरण पर भारतीय सेना के फोकस को रेखांकित करते हैं।

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