एम्स गोरखपुर में हुई एचपीवी टीकाकरण की शुरुआत, सेहत के प्रति जागरूक की गईं महिलाएं
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण की शुरुआत हो गयी। वहां के मॉडल टीकाकरण केन्द्र पर एयरफोर्स स्थित केन्द्रीय विद्यालय की छात्राओं ने फीता काट कर टीकाकरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ विभा दत्ता के दिशा निर्देशन में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ शिखा सेठ, कम्युनिटी एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन डिपार्टमेंट के अध्यक्ष डॉ आनंद मोहन दीक्षित, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा, एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नंद लाल कुशवाहा की मौजूदगी में विद्यालय की छात्राओं का टीकाकरण किया गया। इस बीच, गोरखपुर के स्वास्थ्य महकमे ने नगरीय क्षेत्र में भी मॉडल यूएचएसएनडी सत्रों के आयोजन पर जोर दिया है। इसी कड़ी में महानगर के खोखर टोले पर आयोजित यूएचएसएनडी सत्र का सीएमओ डॉ राजेश झा ने बुधवार को निरीक्षण किया।
एम्स गोरखपुर में एचपीवी टीकाकरण से पहले मिशन शक्ति के तहत स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। इस दौरान सीएमओ डॉ झा सहित अन्य विषय विशेषज्ञों ने महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। खासतौर से स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के बारे में जानकारी दी गयी। सीएमओ ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 से 15 आयु वर्ग की बच्चियों का निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। यह टीका लगवाने के लिए यूविन पोर्टल पर पहले से स्लॉट बुक कराना होगा। जिला महिला अस्पताल में टीकाकरण शुरू हो चुका है। अब स्लॉट बुक करके एम्स गोरखपुर के मॉडल टीकाकरण केन्द्र में भी एचपीवी का टीका लगवाया जा सकता है। विभाग का प्रयास है कि एचपीवी टीकाकरण की सुविधा सीएचसी स्तर तक पहुंचायी जाए।
इससे पहले खोखर टोले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर आयोजित मॉडल यूएचएसएनडी सत्र के निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ झा ने गुणवत्तापूर्ण सत्र आयोजन के निर्देश दिये। इस अवसर पर जेएसआई संस्था के एसपीओ अभिषेक समद्दार और स्थानीय प्रतिनिधि अभिषेक उपाध्याय ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। मॉडल यूएचएसएनडी के माध्यम से गर्भवती, बच्चों और किशोरियों के नियमित टीकाकरण, गर्भवती के प्रसव पूर्व जांच, पोषण परामर्श, परिवार नियोजन सेवाएं और गैर संचारी रोगों की स्क्रिनिंग शत प्रतिशत सुनिश्चित करने का प्रयास है। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ रेनू सुमन और शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्वयक सुरेश सिंह चौहान भी मौजूद रहे।
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