तपने लगा है उत्तर प्रदेश, लू चलने के आसार
कानपुर, 18 अप्रैल (वार्ता) मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में आगामी दो से तीन दिनों के दौरान उष्ण लहर (लू) चलने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार शुष्क मौसम, तेज पछुआ हवाओं तथा तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने या पार करने की स्थिति के कारण यह परिस्थिति बन रही है। मौसम विभाग के प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में 18 से 21 अप्रैल तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में दिन के समय कहीं-कहीं लू चल सकती है। विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार 18 अप्रैल से 19 अप्रैल तक बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज तथा आसपास के क्षेत्रों में लू का असर अधिक रहने की संभावना है। 19 से 20 अप्रैल के दौरान सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी और संत रविदास नगर भी प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहेंगे। 20 से 21 अप्रैल के बीच प्रतापगढ़ और जौनपुर में भी गर्म हवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है।चालू मौसम में पहली बार लखनऊ में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। बांदा राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा जहां अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जाे सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक है। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि झांसी 44.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ तप रही थी।
मौसम वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें, हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी तथा तरल पदार्थों का सेवन करें। ओआरएस, लस्सी, छाछ, नींबू पानी और अन्य घरेलू पेय पदार्थों के उपयोग की भी सलाह दी गई है।
किसानों के लिए जारी परामर्श में कहा गया है कि खेतों में नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई करें, समय पर फसलों की कटाई करें तथा बागवानी फसलों को तेज धूप से बचाने के उपाय करें। पशुपालकों को भी दोपहर के समय पशुओं को छाया में रखने और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है।
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