भारतीय रंगमंच को वैश्विक स्तर पर स्थापित करें : आनंदीबेन
लखनऊ 10 अप्रैल (वार्ता) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में सहभागिता करते हुए भारतीय रंगमंच को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा बाल नाटक पुस्तिका का विमोचन किया। साथ ही कलाविदों और पूर्व छात्रों को सम्मानित भी किया गया।कार्यक्रम में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित ‘आनंदमठ’ नाटक का मंचन किया गया, जिसने स्वतंत्रता संग्राम की संघर्षगाथा को जीवंत कर दिया। राज्यपाल ने कहा कि ‘आनंदमठ’ केवल एक नाटक नहीं, बल्कि देशभक्ति और त्याग की प्रेरणादायक गाथा है। उन्होंने सुझाव दिया कि ‘वंदे मातरम’ गीत की पृष्ठभूमि पर भी नाट्य मंचन किया जाए, ताकि युवा पीढ़ी अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि रंगमंच समाज का दर्पण है, जो जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन सकता है।
उन्होंने जनभवन परिसर में संचालित आदर्श माध्यमिक विद्यालय का उल्लेख करते हुए कलाकारों से अपील की कि वे यहां आकर बच्चों को नाट्य प्रशिक्षण दें। साथ ही जानकारी दी कि 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में इस विद्यालय का उद्घाटन किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय रंगमंच की परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है और इसे गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि उन्हें सही दिशा और अवसर मिलने पर वे देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। उन्होंने अकादमी से आग्रह किया कि युवा प्रतिभाओं को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाए।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी अकादमी को बधाई देते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बताते हुए इसके संरक्षण पर जोर दिया। समारोह में कई जनप्रतिनिधि, कलाकार, छात्र-छात्राएं और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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