गोरखपुर में नारी निपुणता प्रशिक्षण कार्यशाला


गोरखपुर, 02 अप्रैल (वार्ता) दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरुवार को “समग्र जीवन कौशल एवं व्यक्तित्व विकास” विषय पर एक दिवसीय नारी निपुणता: ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ, राष्ट्रीय कला मंच और नैन सैन ब्यूटी एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में शोध पीठ के सभागार में आयोजित हुआ। कार्यशाला की मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल आधारित शिक्षा अत्यंत आवश्यक है, विशेषकर महिलाओं के लिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं और नारी उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपने कौशल को निखारने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

नैन सैन ब्यूटी एकेडमी की चेयरपर्सन श्यामली जायसवाल ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि संस्था का उद्देश्य महिलाओं और युवतियों को व्यावसायिक एवं व्यवहारिक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शोध पीठ की निदेशक प्रो. सुषमा पाण्डेय ने कहा कि व्यावहारिक कौशल व्यक्ति के समग्र विकास का आधार है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं।
कार्यशाला में गोरखपुर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अलावा दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज, सेंट जोसेफ वूमेन कॉलेज, सीआरडी पीजी कॉलेज समेत अन्य संस्थानों की छात्राओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों ने ब्यूटीशियन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन कर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर शिक्षा संकाय की अधिष्ठाता प्रो. सुनीता दुबे और पूर्व महापौर डॉ. सत्या पाण्डेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण में कौशल विकास की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आयोजन की सराहना की।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

खुशहाली की राहें

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना