विद्यार्थियों को कौशल विकास और नवाचार से जोड़ना जरूरी : राज्यपाल
लखनऊ 02 अप्रैल (वार्ता) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने तंबाकू, नशा एवं ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को कौशल विकास और नवाचार से जोड़ना जरूरी है।गुरुवार को की अध्यक्षता में जन भवन स्थित गांधी सभागार में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा राज्य मंत्री रजनी तिवारी सहित विश्वविद्यालय एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक में 17 शासकीय एवं 33 वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संस्थानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें फैकल्टी की स्थिति, शोध एवं प्रकाशन, एमओयू, खेल गतिविधियां, नैक एवं एनआईआरएफ रैंकिंग, नामांकन, प्लेसमेंट, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, छात्रवृत्ति वितरण और निर्माण कार्यों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
राज्यपाल ने महाविद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने, छात्र संख्या बढ़ाने और लैब व कंप्यूटर कक्षों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल व सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के फोटोग्राफ्स को जियो-टैगिंग के साथ सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया। साथ ही शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए।
सीएसआर फंड के प्रभावी उपयोग के लिए उद्योगों और बैंकों से समन्वय बढ़ाने की सलाह देते हुए उन्होंने आंगनबाड़ी, टीबी उन्मूलन और एचपीवी वैक्सीनेशन जैसे कार्यक्रमों में महाविद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान राज्यपाल ने नैक मूल्यांकन में सक्रिय भागीदारी, पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि राज्यपाल के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और उत्तर प्रदेश अब इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। वहीं, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय से लगभग 530 महाविद्यालय संबद्ध हैं और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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