देश की सांस्कृतिक पहचान और सनातन परंपरा की आधारशिला है मातृशक्ति : रामदेव
नयी दिल्ली, 04 अप्रैल (वार्ता) योग गुरू स्वामी रामदेव ने शनिवार को कहा कि मातृशक्ति ही भारत की सांस्कृतिक पहचान एवं सनातन परंपरा की आधारशिला है तथा हर घर-परिवार में संस्कारों की स्थापना महिलाओं के माध्यम से ही संभव है और यही भारत को पुनः "विश्वगुरु" बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।श्री रामदेव ने आज यहां तालकटोरा स्टेडियम में पतंजलि महिला योग समिति और पतंजलि विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित महिला महासम्मेलन को संबोधित किया। कार्यक्रम में साध्वी देवप्रिया, साध्वी देवादिति तथा भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एनपी सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया और उन्हें समाज परिवर्तन की प्रमुख शक्ति बताया।
सम्मेलन में शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तथा स्वतंत्रता को लेकर चर्चा की गई। कार्यक्रम में हजारों महिलाओं को परिवार में संस्कारों के प्रसार और राष्ट्र सेवा के लिए संकल्प दिलाया गया।
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