उच्च जोखिम क्षेत्रों में लगेंगे आयुष्मान आरोग्य शिविर, नये टीबी मरीजों को खोजने पर होगा जोर
गोरखपुर। जिले के उच्च जोखिम क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन कर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। इस दौरान मुख्य जोर नये टीबी मरीजों को खोजने पर होगा। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। यह जानकारी जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने दी। वह बुधवार की देर रात जिले के अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों और सहयोगी संस्था के कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। बैठक का आयोजन विजय चौराहा स्थित एक निजी होटल में किया गया।
सीएमओ डॉ झा ने बताया कि नये टीबी मरीजों को खोजना में मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) और पोर्टेबल एक्स-रे मशीन भी मददगार बनेंगे। एमएमयू के जरिये उच्च जोखिम क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाएं दी जाएंगी। मौके पर ही लोगों का बलगम इकट्ठा किया जाएगा और उपलब्धता के अनुसार आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस-एआई आधारित पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से भी जांच कराई जाएगी। बैठक में जिले के सभी अधिकारियों के साथ योजना पर विचार विमर्श किया गया, ताकि एक ठोस माइक्रोप्लानिंग की जा सके। इस कार्य में यूपीटीएसयू की टीम स्वास्थ्य विभाग की मदद करेगी।
डॉ झा ने बताया कि जिले को टीबी मुक्त करने की दिशा में 100 दिवसीय अभियान के तौर पर आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन होने जा रहा है। इन शिविरों में अधिकाधिक लोगों की प्रतिभागिता के लिए प्रचार प्रसार पर भी काम किया जाएगा। अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ता के माध्यम से इन शिविरों की पूर्व सूचना दी जाएगी। हमारी कोशिश होगी कि शिविर में चिकित्सकों और सहयोगी स्टॉफ की मदद से अलग-अलग बीमारियों पर परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को मजबूती देने में एम्स गोरखपुर और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की भी मदद ली जाएगी।
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