नोएडा चाइल्ड पीजीआई अंतरराष्ट्रीय दुर्लभ रोग पर वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन
नयी दिल्ली/ नोएडा, 27 फरवरी (वार्ता) नोएडा स्थित बाल चिकित्सा एवं स्नातकोत्तर शैक्षणिक संस्थान में शुक्रवार को चिकित्सा आनुवांशिकी विभाग (जेनेटिक्स) द्वारा अंतरराष्ट्रीय दुर्लभ रोग दिवस की पूर्व संध्या पर स्थापना दिवस और वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारत में बाल रोग विशेषज्ञों के प्रमुख संगठन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (एओपी) नोएडा के सहयोग से हुआ। इस कार्यक्रम में करीब 100 चिकित्सकों ने भाग लिया।संगोष्ठी में दुर्लभ रोगों के प्रति जागरूकता, शीघ्र निदान की आवश्यकता, बाल चिकित्सा में आनुवांशिक जांच की भूमिका तथा उपचार एवं प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मयंक निलय के स्वागत भाषण से हुआ।
मुख्य अतिथि डॉ. सीमा कपूर (एमएएमसी, नई दिल्ली) ने भारतीय संदर्भ में दुर्लभ रोगों की चुनौतियों, समय पर पहचान और समन्वित चिकित्सा दृष्टिकोण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि डॉ. रुचिरा एम. गुप्ता ने बाल दुर्लभ रोग प्रबंधन में बहु-विषयक और सामूहिक प्रयासों की अनिवार्यता पर बल दिया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. एके. सिंह, डीन प्रो. डॉ. डीके. सिंह (अध्यक्ष, एओपी नोएडा) तथा सीएमएस प्रो. डॉ. मुकुल जैन ने दुर्लभ रोगों के निदान और उपचार में संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि आनुवांशिक परामर्श और आधुनिक परीक्षण सुविधाओं को मजबूत करने से दुर्लभ रोगों के निदान में सुधार संभव है। साथ ही, जागरूकता अभियान और चिकित्सकों के प्रशिक्षण से मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
यह संगोष्ठी दुर्लभ रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, आनुवांशिकी सेवाओं को सुदृढ़ करने और बाल स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।

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