उत्तर रेलवे के 1,478 किलोमीटर मार्ग पर कवच प्रणाली के विस्तार को मंजूरी
नयी दिल्ली 08 मई (वार्ता) भारतीय रेल ने उत्तर रेलवे के 1,478 किलोमीटर मार्ग पर स्वदेशी कवच (स्वचालित रेल सुरक्षा प्रणाली) के विस्तार को मंजूरी दी है।रेलवे की ओर से शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में बताया है कि रेल सुरक्षा को मजबूत बनाने तथा रेलवे के आधुनिकीकरण को लेकर मंजूर की गयी इस परियोजना पर लगभग 362 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। इसके तहत फिरोजपुर और जम्मू मंडल के करीब 1,478 रूट किलोमीटर मार्ग पर कवच प्रणाली स्थापित की जाएगी।
परियोजना के अंतर्गत फिरोजपुर मंडल के शेष 1,012 किलोमीटर पर लगभग 241 करोड़ रुपये की लागत से कवच लगाया जाएगा। वहीं जम्मू मंडल में जलंधर सिटी जंक्शन-जम्मू तवी-श्री माता वैष्णो देवी कटरा, बटाला जंक्शन-पठानकोट जंक्शन और बनिहाल-बारामूला सेक्शनों के लगभग 466 किलोमीटर पर करीब 121 करोड़ रुपये की लागत से कवच प्रणाली स्थापित की जाएगी।
रेलवे ने बताया है कि इसके तहत रेलवे ट्रैक के किनारे स्थायी कवच सिस्टम लगाए जाएंगे। साथ ही, 40 मीटर ऊंचे संचार टावर और एंटीना अवसंरचना भी विकसित की जाएगी, ताकि सुरक्षा प्रणाली बेहतर और निर्बाध तरीके से कार्य कर सके।
रेलवे के अनुसार कवच भारत में विकसित एक स्वदेशी स्वचालित रेल सुरक्षा प्रणाली है, जो किसी भी आपात स्थिति में स्वतः ब्रेक लगाकर ट्रेन टक्कर जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करता है। यह तकनीक लोको पायलट को सुरक्षित ट्रेन संचालन में सहयोग देती है, क्योंकि इसके माध्यम से लोकोमोटिव, सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक पर लगे उपकरणों के बीच लगातार संपर्क बना रहता है।
रेलवे ने कहा है कि इन महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर कवच प्रणाली लागू होने से ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और सुगम बनेगा। भारतीय रेल 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प के तहत देशभर में कवच प्रणाली का तेजी से विस्तार कर रही है, जिससे रेलवे नेटवर्क को सुरक्षित, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके।

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