‘दीदी हारी नहीं, बहादुरी से लड़ीं’: अखिलेश


लखनऊ/कोलकाता, 7 मई ( वार्ता) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कोलकाता पहुंचकर ममता बनर्जी से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। चुनावी नतीजों में भाजपा को 207 सीटें मिलीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। इस राजनीतिक बदलाव के बाद यह दोनों नेताओं की पहली मुलाकात रही। कोलकाता में हुई इस मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी खुद अखिलेश यादव को रिसीव करने गेट तक पहुंचीं, जबकि अभिषेक बनर्जी ने उन्हें गले लगाकर स्वागत किया।

अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और कहा, “दीदी, आप हारी नहीं हैं, बल्कि आपने एक योद्धा की तरह चुनाव लड़ा है।”
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा को “दीदी हमेशा खटकती रही हैं” क्योंकि वह महिलाओं और आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने भाजपा पर “सामंती और पुरुषवादी सोच” रखने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहती।
अखिलेश ने कहा कि उन्होंने बंगाल चुनाव को करीब से देखा और चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह की भाषा और रवैया अपनाया गया, वह हैरान करने वाला था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बंगाल में वही प्रयोग किया, जिसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश में की गई थी। सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा की राजनीति अराजकता फैलाने वाली है और चुनाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए दावे भी सवालों के घेरे में हैं।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के कुंदरकी और रामपुर उपचुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मतदाताओं को डराया गया और पोलिंग एजेंटों को बाहर निकाल दिया गया।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष है तो बंगाल और कुंदरकी की वोटिंग और मतगणना के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाएं। अखिलेश ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही लाइव हो सकती है, तो चुनाव प्रक्रिया क्यों नहीं।
सपा प्रमुख ने कुंदरकी में भाजपा के वोट प्रतिशत पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों की मदद से जबरन मतदान कराया गया। उन्होंने कहा कि “अगर गोलियों के डर से वोट डलवाए जाएंगे, तो लोकतंत्र में जीत किसकी होगी?” अखिलेश यादव ने बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा को लेकर भी केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।

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