पश्चिम एशिया संकट के बावजूद देश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता : सरकार
नयी दिल्ली 04 मई (वार्ता) सरकार ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद देश में उर्वरकों की उपलब्धता मजबूत बनी हुई है और आपूर्ति निरंतर आवश्यकता से अधिक बनी हुई है। एलपीजी वितरकों के पास किसी प्रकार की कमी की सूचना नहीं है और रविवार को ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग बढ़कर 99 प्रतिशत पहुंच गई।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने संवाददाता सम्मेलन में पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर देश में ईंधन की उपलब्धता, समुद्री संचालन, पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को दी जा रही सहायता और प्रमुख क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए किये जा रहे उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट की स्थिति के बाद जरूरत पूरी करने के लिए लगभग 84 लाख टन उर्वरक देश में उपलब्ध कराया गया है। खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों की आवश्यकता का आकलन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 390.54 लाख टन किया गया है। इसके मुकाबले आज की स्थिति में लगभग 195.71 लाख टन का स्टॉक उपलब्ध है यह सरकार द्वारा बेहतर योजना, अग्रिम भंडारण और कुशल लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को दर्शाता है।
यूरिया की उपलब्धता 62.28 लाख टन है, जबकि आवश्यकता 2.66 लाख टन है।
डीएपी की उपलब्धता 20.32 लाख टन है, जबकि आवश्यकता 0.85 लाख मीट्रिक टन है। एमओपी की उपलब्धता 7.60 लाख टन है, जबकि आवश्यकता 0.22 लाख टन है। एनपीके की उपलब्धता 49.71 लाख टन है जबकि आवश्यकता 1.16 लाख टन है। एसएसपी की उपलब्धता 24.60 लाख टन है, जबकि आवश्यकता 0.55 लाख टन है।
रसोई गैस के मामले में मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित बनी हुई है।
घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है और एलपीजी वितरकों पर किसी प्रकार की कमी की सूचना नहीं मिली है। अप्रैल 2026 से अब तक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों की 23.58 लाख से अधिक बिक्री हुई है। मार्च 2026 से अब तक लगभग 6.12 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए और अतिरिक्त 2.67 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया, साथ ही लगभग 6.79 लाख ग्राहकों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
अधिकारियों ने बताया कि एलपीजी की जमाखोरी और काला बाजारी पर रोक लगाने के लिए पूरे देश में प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है। कल देशभर में 1570 से अधिक छापेमारी की गई।सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने औचक निरीक्षण को और मजबूत किया है तथा 349 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि कल तक 74 एलपीजी वितरकों को निलंबित किया जा चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें सामान्य बनी हुई हैं और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के रिटेल आउटलेट पर कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई।

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