'चुनाव अयोग ने बंगाल प्रशासन, केंद्रीय बलों से चुनाव बाद कोई हिंसा न होने देने को कहा'


नयी दिल्ली, 05 मई (वार्ता) चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के प्रशासन और पुलिस तथा वहां चुनाव ड्यूटी भेजे गए केंद्रीय पुलिस बलों के शीर्ष अधिकारियों को राज्य में चुनाव के बाद चुनाव से जुड़ी किसी प्रकार की हिंसा की घटना के विरुद्ध सख्त रवैया अपनाने के निर्देश दिये हैं।

आयोग के सूत्रों ने मंगलवार को कहा, ' आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव , पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव के बाद होने वाली किसी भी हिंसा की कतई अनदेखी न करेंगे।'
पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का इतिहास रहा है। राज्य में कल हुई मतगणना के बाद कुछ जगह लोगों की भीड़ के उपद्रव की कुछ शिकायतें हैं। कोलकाता और हावड़ा के कुछ इलाकों में तृणमूल कांग्रेस पार्टी के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोगों पर उनके कार्यालयों पर हमले की शिकायतें की हैं। वहां चुनाव बाद हिंसा में किसी के हताहत होने की रिपोर्ट नहीं है।
पश्चिम बंगाल में 2026 का चुनाव चुनाव आयोग की अभूतपूर्व सख्ती के बीच शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। दो चरणों में हुए चुनाव में कुल मिला कर 92.93 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जो अब तक का रिकार्ड है।
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने 293 में से 206 सीटें पर जीत दर्ज की है और राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी ने राज्य के सभी दलों से कटुता छोड़ कर विकास के लिए मिलजुल कर काम करने की अपील की है।

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