सोना खरीद को लेकर मोदी से पहले इंदिरा और मनमोहन भी कर चुके हैं ऐसी अपील: अवधेशानंद
वाराणसी, 12 मई (वार्ता) काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में मंगलवार को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ को लेकर आध्यात्मिक संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें शामिल होने जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि भी पहुंचे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “आवश्यक न हो तो सोना न खरीदें” की अपील पर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि इससे पहले भी कई बार ऐसी अपील की जा चुकी है।
उन्होने कहा , “केवल प्रधानमंत्री जी की अपील नहीं है, इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी अपील की थी, एक बार मनमोहन सिंह ने भी अपील की थी और चिदंबरम भी अपील कर चुके हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी की अपील अत्यंत सार्थक और लोक कल्याणकारी है। इसमें भारत के हित सुरक्षित हैं।”
स्वामी ने कहा कि भारत का वर्चस्व आज पूरे विश्व में बढ़ रहा है, विशेषकर आर्थिक नीतियों के क्षेत्र में भारत चौथी आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। लोग इस महाशक्ति को बढ़ते देख रहे हैं और उससे ईर्ष्या भी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह आग्रह चाहे सोने को लेकर हो, यात्राओं को लेकर हो अथवा अन्य विषयों पर अत्यंत कल्याणकारी है। पूरा देश उनका स्वागत करता है।
उन्होने कहा, “ मैं एक और बात कहना चाहूंगा कि सनातन की संवेदनाएं उनके द्वारा सुरक्षित हुई हैं और वे सनातन संवेदनाओं के संरक्षक हैं। प्रधानमंत्री को हम एक सच्चे उपासक, अच्छे शासक और बेहतर प्रशासक मानते हैं, जैसे अहिल्याबाई होलकर, छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप रहे हैं। इस देश को हमारे सौभाग्य और पुण्यों से जो प्रधानमंत्री मिला है, उनकी यह अपील अत्यंत सार्थक और कल्याणकारी है।”
अवधेशानंद ने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी को भी बधाई देना चाहेंगे कि उनके शासनकाल में उत्तर प्रदेश ‘उत्तम प्रदेश’ और ‘उत्कृष्ट प्रदेश’ बन गया है। आज यदि किसी प्रदेश में सर्वाधिक आर्थिक उछाल है तो वह उत्तर प्रदेश ही है।

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