स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सीधे आम आदमी तक पहुंचे, गुणवत्ता और तकनीक से जोड़ें: योगी

स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सीधे आम आदमी तक पहुंचे, गुणवत्ता और तकनीक से जोड़ें:  योगी

लखनऊ, 26 मई ( वार्ता) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभागों की समीक्षा में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर सीधे आम आदमी को दिखना चाहिए। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर मानव संसाधन और प्रभावी प्रबंधन से सशक्त बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों का सबसे बड़ा सहारा बन रही है। उन्होंने क्लेम दावों का तय समय में निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक नि:शुल्क उपचार हो चुके हैं।


 उन्होने दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने का निर्णय लिया और कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाएं भी योजना का हिस्सा बनेंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एनएचएम के अंतर्गत कोविड कालखंड में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रहे। हेल्थ एटीएम सेवाओं का विस्तार अधिक से अधिक क्षेत्रों तक किया जाए।


 योगी ने कहा कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। एम्बुलेंस संचालकों का भुगतान भी समय से हो। तीन माह से कम एक्सपायरी वाली दवाएं न रखें। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं अस्पतालों में नहीं होनी चाहिए। उनकी जगह नई दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रदेश के 75 जनपदों में डायलिसिस और 74 जनपदों में सीटी स्कैन सेवा उपलब्ध है। मार्च 2026 तक 35.69 लाख से अधिक डायलिसिस सत्र और 45.35 लाख से अधिक सीटी स्कैन हो चुके हैं।


 मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर गर्भवती महिला तक समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचनी चाहिए। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 15.28 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। 15.14 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड लिंक किए गए हैं।


 उन्होने चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अनुसंधान और मेडटेक क्षेत्र में लगभग 1500 करोड़ रुपये निवेश के लिए इंटेंट फाइल किए गए हैं। लोहिया संस्थान में 376 से अधिक रोबोटिक सर्जरी तथा 250 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण हो चुके हैं। यहां प्रदेश का पहला गामा नाइफ सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है।


 मुख्यमंत्री ने टीबी उन्मूलन अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संविदा एमबीबीएस चिकित्सकों का मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए ताकि बेहतर चिकित्सक सरकारी सेवाओं से जुड़ें। उन्होने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता तीनों साथ दिखनी चाहिए, तभी आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

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